कर्णप्रयाग। बढ़ती ठंड और बदलते मौसम के कारण पशु भी बीमार हो रहे हैं। ऐसे में पशुपालन विभाग ने अपनी एंबुलेंस सेवा को अलर्ट मोड पर रखा है। साथ ही एक टोल फ्री नंबर 1962 भी जारी किया है। एक फोन करने पर बीमार पशुओं को घर पर या मौके पर ही उपचार मिल जाएगा।
कर्णप्रयाग की पशु चिकित्साधिकारी डॉ. चित्रा धीमान ने कहा कि अनुसार सर्दियों में होने वाली बीमारी मुंहपका और खुरपका के लिए टीकाकरण कार्यक्रम पूरा कर लिया गया है। इसके बाद भी कई बार ठंड बढ़ने से पशुओं में वायरल की शिकायत आती है। ऐसे में पशुचिकित्सा कर्मी के अलावा प्रदेश सरकार की टोल फ्री 1962 मोबाइल पशु चिकित्सा सेवा पशुपालकों की सहायता करती है। यह सेवा प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 6:00 तक है। साथ ही टेली मेडिसिन सुविधा भी उपलब्ध कराती है। 1962 सेवा के प्रदेश प्रभारी आशीष नेगी ने बताया कि मोबाइल पशु चिकित्सा दल लगातार गांव-गांव जाकर निशुल्क शिविर आयोजन कर रहा है। पशुओं के बीमार होने पर एक फोन पर ही मौके पर पहुंचकर पशुओं का उपचार घर पर ही किया जाएगा।