एक माह से अघोषित बिजली कटौती और अनियमित आपूर्ति को लेकर ग्रामीणों ने ऊर्जा निगम के दफ्तर पर प्रदर्शन किया।
निगम के उपखंड अधिकारी का घेराव करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि शाम ढलते ही गांवों की बिजली दो से तीन घंटे तक काटी जा रही है, जिसके चलते गांवों में रहने वाले स्कूली छात्र-छात्राएं पढ़ नहीं पा रहे हैं।
वहीं जंगली जानवरों का भी भय बना है। लचर कार्यप्रणाली और लापरवाह अफसरों के चलते गांवों में लगातार समस्याएं बढ़ रही हैं, जिससे ग्रामीण गांवों से पलायन करने को मजबूर हैं।
सोमवार को जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह नेगी के नेतृत्व में ब्लाक के 50 से अधिक प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने ग्रामीणों के साथ ऊर्जा निगम के दफ्तर पर प्रदर्शन किया।
करीब एक घंटे के घेराव के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि सोनला, कंडारा, नौली और मज्याड़ी न्याय पंचायतों में निगम रात में 2 से 3 और सुबह एक से दो घंटे तक बिजली कटौती कर रहा है।
ग्रामीणों ने लॉपिंग करने, लाइनों की मरम्मत करने सहित पांच सूत्री मांगों पर कार्रवाई करने की मांग की। बाद में एसडीओ गुलशन बुलानी ने 18 फरवरी के बाद बिजली कटौती बंद करने के आश्वासन पर ग्रामीण माने।
प्रदर्शन करने वालों में थापली के प्रधान सुमन प्रसाद डिमरी, खंडूड़ा के राजीव खंडूड़ी, मज्याड़ी की सतेश्वरी देवी, नाकोट के जगदीश लाल, लखपत, सुनील गुसाईं, प्रवीन, भूपेंद्र नेगी, मुकेश थपलियाल और छात्र संघ अध्यक्ष संजय असवाल आदि शामिल थे।