बदरीनाथ हाईवे पर नासूर बने लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र का स्थायी ट्रीटमेंट न होने से हक-हकूकधारियों और व्यापारियों का गुस्सा फूटा। आक्रोशित लोगों ने बदरीनाथ धाम में नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ जुलूस प्रदर्शन करते हुए एक सप्ताह के भीतर लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र में आवाजाही सामान्य करने की मांग की। कहा कि अगर जल्द मामले का गंभीरता से नहीं लिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
शनिवार को बदरीनाथ संघर्ष समिति के आह्वान पर हक-हकूकधारी और व्यापारियों ने बदरीनाथ धाम में नारेबाजी कर जुलूस प्रदर्शन किया। कहा गया कि लंबे समय से लामबगड़ बदरीनाथ धाम की सुचारु तीर्थयात्रा में व्यवधान पैदा कर रहा है, लेकिन सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। बारिश थमने के बावजूद लामबगड़ में भूस्खलन से हाईवे बार-बार बाधित हो रहा है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ ही तीर्थयात्रियों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापार मंडल अध्यक्ष विनोद नवानी ने कहा कि लामबगड़ में बार-बार बदरीनाथ हाईवे अवरुद्ध होने से तीर्थयात्रियों का यात्रा कार्यक्रम बिगड़ रहा है। कई तीर्थयात्री बदरीनाथ यात्रा का कार्यक्रम ही स्थगित कर रहे हैं। बदरीनाथ संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजेश मेहता ने बताया कि सितंबर माह में ही बदरीनाथ धाम में कई भागवत कथाएं आयोजित होनी प्रस्तावित थी, लेकिन लामबगड़ में भूस्खलन की वजह से तीर्थयात्री कथाओं का आयोजन भी स्थगित कर रहे हैं। कि यदि लामबगड़ का शीघ्र स्थाई ट्रीटमेंट और सामान्य आवाजाही नहीं हुई तो आंदोलन तेज कर लिया जाएगा। इस मौके पर माणा गांव के पूर्व प्रधान पीतांबर मोल्फा, वीरेंद्र शर्मा, रविंद्र चौहान, महादीप भंडारी, संदीप भट्ट, विपुल डिमरी, अंशुमान भंडारी, भाष्कर मोतीवाल, जगदीश मेहता सहित कई लोगों मौजूद थे।
हेलंग-मारवाड़ी बाईपास के विरोध में जुलूस-प्रदर्शन
जोशीमठवासियों ने कहा-बाईपास बना तो नहीं रहेगा जोशीमठ का अस्तित्व
अमर उजाला ब्यूरो
जोशीमठ। हेलंग-मारवाड़ी बाईपास के विरोध में शनिवार को जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने नगर में जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया। वहीं, तेरहवें दिन भी स्थानीय लोगों का तहसील परिसर में धरना जारी रहा। जोशीमठ कांग्रेस कमेटी ने भी आंदोलन को अपना समर्थन दिया है।
सोमवार को ग्यारह बजे जोशीमठ संघर्ष समिति के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने केंद्र सरकार के विरोध में नगर में जुलूस प्रदर्शन किया। जुलूस तहसील परिसर में जाकर एक सभा में तब्दील हुआ। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ऑलवेदर रोड परियोजना से जोशीमठ नगर को अलग किया जा रहा है। जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। परियोजना के तहत हेलंग-मारवाड़ी बाईपास मार्ग निर्माण प्रस्तावित है। यदि यह मार्ग बन गया तो जोशीमठ नगर का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। कहा कि जोशीमठ चीन सीमा क्षेत्र में स्थित होने के कारण सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। साथ ही धार्मिक दृष्टि से भी यह नगर महत्वपूर्ण है। परियोजना से जोशीमठ नगर को भी लाभान्वित करने के लिए आंदोलन जारी रखा जाएगा। इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र पंवार, ठाकुर सिंह राणा, देवेश्वरी शाह, लक्ष्मी लाल शाह, विक्रम, रोहित, मीना, धनेश्वरी राणा, गीता परमार, एमएस सिद्दकी, ममता आदि मौजूद थे।