मंडल में पानी के प्रेशर से फट गया था पेयजल योजना का एक पाइप
करोड़ों रुपये से बनी अमृत गंगा पेयजल योजना लोगों के लिए सिरदर्द बनी हुई है। कई बार योजना के पाइप फटने और कचरा फंसने से पेयजल सप्लाई बाधित हो जाती है। मंगलवार को भी योजना दिनभर ठप रही जिससे लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ा।
सोमवार देर शाम को मंडल में योजना के पानी का पाइप फट गया था जिससे मंगलवार को दिनभर पानी की सप्लाई बाधित रही। व्यापार संघ अध्यक्ष अंकोला पुरोहित, सभासद नवल भट्ट, एनएसयूआई के पूर्व जिलाध्यक्ष मनमोहन चतुरा आदि का कहना है कि जल निगम और जल संस्थान की ओर से पेयजल सप्लाई पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे पेयजल की सुचारु सप्लाई नहीं हो पा रही है। पेयजल योजना पर फिल्टर की व्यवस्था भी अभी तक नहीं की गई है। इधर, जल संस्थान के ईई राजेश कुमार निर्वाल ने बताया कि मंडल में पेयजल योजना का पाइप फट गया था, जिससे पानी की सप्लाई बाधित हुई, देर शाम तक सप्लाई सुचारु कर दिया जाएगा।
पेयजल लाइन में मिला मेंढक
गंगोलगांव पेयजल योजना से मंदिर मार्ग के शिशु मंदिर वार्ड और गोपेश्वर गांव के कुछ क्षेत्र में पेयजल सप्लाई होता है। शिशु मंदिर वार्ड के भगत सिंह रावत का कहना है कि उनकी पेयजल लाइन पर सप्लाई नहीं हो पा रही थी। जब लाइन को खोलकर देखा तो वहां मरा मेंढक फंसा मिला। जल संस्थान के अधिकारियों से भी इसकी शिकायत की गई। लखपत सिंह नेगी और कमल किशोर डिमरी का कहना है कि लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। इधर, जल संस्थान के ईई राजेश कुमार निर्वाल का कहना है कि पेयजल टैंकों की नियमित साफ-सफाई की जाती है। मेंढक कहीं अन्य जगह से पेयजल लाइन में घुस गया होगा। शीघ्र विभागीय कर्मियों को टैंकों के निरीक्षण के लिए भेजा जाएगा।