नौ दिनों से अनशनरत कुंवर सिंह का 10 किलो वजन गिरा
पुलिस बल के साथ पहुंची टीम, ग्रामीणों ने सुनाई खरी-खरी
अभी दो और लोग बैठे हैं अनशन पर
संवाद न्यूज एजेंसी
गैरसैंण। पांच किमी सड़क निर्माण की मांग को लेकर नौ दिनों से अनशन पर बैठे कुंवर सिंह की तबीयत बिगड़ने लगी है। मंगलवार को प्रशासन की टीम पुलिस बल के साथ उन्हें उठाने के लिए विनायकधार पहुंची तो लोगों ने विरोध कर दिया। ग्रामीणों ने टीम को खरी-खरी भी सुनाई। भारी विरोध के बीच पुलिस ने उन्हें जबरन उठा दिया और अस्पताल में भर्ती करा दिया।
पांच फरवरी से आमरण अनशन पर बैठे कुंवर सिंह का वजन करीब 10 किलो गिर गया था। वहीं अवतार सिंह और भुवन जोशी अब भी अनशन पर डटे हैं। मंगलवार दोपहर को प्रशासन की टीम अनशनकारी को उठाने के लिए मय फोर्स आंदोलन स्थल विनायकधार पहुंची तो ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। उन्होंने अधिकारियों को खरी-खरी सुनाई और कहा कि विभाग और सरकार सड़क बनाने पर ध्यान देता तो आज लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य नहीं होते। विरोध के बाद भी ग्रामीणों ने अनशनकारी कुंवर सिंह को उठा लिया और अस्पताल में भर्ती करा दिया। इस दौरान राजस्व निरीक्षक मोहन सिंह सहित थाना गैरसैंण की पुलिस टीम मौजूद थी।
दस दिनों में ऑनलाइन नहीं कर पाया विभाग
गैरसैंण। विनायक धार-कस्बीनगर सड़क को वन अधिनियम की स्वीकृति नहीं मिल पाई है जिससे सड़क का निर्माण नहीं हुआ और ग्रामीण आंदालनरत हैं। बताया जा रहा है कि वन विभाग ने आपत्ति लगाते हुए बीते दो फरवरी को फाइल वापस की थी लेकिन दस दिन बाद भी लोनिवि इन आपत्तियों को दूर कर सड़क की फाइल ऑनलाइन नहीं कर पाया है। लोनिवि के एई ललित सिंह अधिकारी ने कहा कि विनायकधार-कस्बीनगर मार्ग निर्माण संबंधी पत्रावली जिला स्तर से आगे भेज दी गई है। जल्द सड़क को ऑनलाइन कर दिया जाएगा। संवाद
सौर लाइटों से जगमगा रहा विनायक धार
गैरसैंण। बांज, बुंराश के जंगलों के बीच स्थित विनायक धार इन दिनों सौर लाइटों से जगमगा रहा है। जब यहां जनरेटर की जरूरत भी पड़ रही है तो वो भी पहुंचाया जा रहा है।
आंदोलनकारी समिति के अध्यक्ष हरेंद्र कंडारी ने कहा कि मौसम को देखते हुए उन्होंने विनायक धार में पूरी व्यवस्था की है। बारिश से बचने के लिए करीब 40 लोगों की क्षमता का टेंट लगाया है। साथ ही मौसम साफ रहने पर सौर लाइटें लगाई हैं। मौसम खराब हुआ तो इसके लिए जनरेटर और ईंधन की व्यवस्था भी की गई है। शयन सिंह का कहना है कि महज पांच किमी सड़क नहीं बनने से खनसर के लोगों का पिंडर और कुमाऊं के गरुड़ से संपर्क नहीं हो पा रहा है। जबकि इन तीनों क्षेत्रों के लोग विभिन्न सामाजिक और धार्मिक समारोहों को मिलकर करते हैं। हरेंद्र कंडारी का कहना है कि जब तक सड़क की स्वीकृति नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। संवाद