12 साल बाद अपनी आराध्य देवी के दर्शनों के लिए डिम्मर गांव में स्थानीय ही नहीं बल्कि विदेशों में बस चुके गांव के प्रवासी भी पहुंचे हैं। अमेरिका में बस चुकी उमा अपने पति शशिधर डिमरी के साथ गांव पहुंची हैं। 26 साल बाद गांव पहुंची उमा डिमरी कहती हैं कि देवी के दर्शन के पल अविस्मरणीय हैं।
आस्ट्रेलिया के बिस्ब्रेन में रह रहे नरेश डिमरी साफ्टवेयर इंजीनियर हैं। पत्नी पूजा सहित नरेश ने मां उमा के दर्शन किए। नरेश कहते हैं कि हमारी परंपराएं अद्भुत हैं। शशिधर डिमरी अमेरिका के मैक्सिको सिटी में योग प्रशिक्षण संस्थान चलाते हैं और उनकी पत्नी उमा अमेरिका के ही ईएल कालेज में हिंदी साहित्य की प्रोफेसर हैं।
वे कहते हैं कि रोजगार, करियर के चलते भले ही आज विदेश में हैं, लेकिन देवभूमि की संस्कृति विश्व में सर्वमान्य संस्कृति है। आराध्य देवी के दर्शन मात्र से ही शांति का संचार होता है। आयोजक सुरेश डिमरी कहते हैं कि गांव के 36 से अधिक लोग विदेेशों में हैं और 15 दिनों तक गांव में उमा देवी के प्रवास के दौरान कई प्रवासी गांव पहुंचेंगे। आस-पास के लोग भी देवी के दर्शनों को पहुंच रहे हैं।