स्कूलों में छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखा रहे दो पूर्व सैनिक
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। सेना में 18 साल तक देश की सीमाओं की रक्षा करने के बाद अब दो पूर्व सैनिक बेटियों को आत्मरक्षा के गुर सिखा रहे हैं। सेवानिवृत्त सैनिक महेंद्र सिंह रावत और आशुतोष सती ‘रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा योजना’ के तहत स्कूली छात्राओं को सेल्फ-डिफेंस की ट्रेनिंग दे रहे हैं। शिक्षा विभाग की इस पहल के जरिये वे अब तक पांच से अधिक विद्यालयों में बालिकाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने के गुर सिखा चुके हैं।
पूर्व सैनिक महेंद्र सिंह रावत छह मैकेनाइज्ड इन्फेंट्री रेजिमेंट और आशुतोष सती सात गढ़वाल राइफल में सेवा दे चुके हैं। पूर्व सैनिक महेंद्र सिंह रावत ने बताया कि शिक्षा विभाग की यह पहल निश्चित ही बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने का काम करेगा। प्रशिक्षण में शारीरिक सुरक्षा के साथ मानसिक रूप से मजबूत बनाया जाता है। विद्यालय में करीब एक घंटे यह प्रशिक्षण दिया जाता है। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी विनोद सिंह ने कहा कि शिक्षा विभाग की यह पहल बालिकाओं की आत्मरक्षा को बढ़ाएगी और भविष्य में उनके काम आएगी।