मनरेगा योजना के तहत घाट ब्लाक में तीन वर्षों से मजदूरों का शेष भुगतान न करने के मामले में मनरेगा लोकपाल शेखर रावत ने खंड विकास अधिकारी, ग्राम प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के आदेश दिए। लोकपाल ने तीनों दोषी को एक-एक हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
घाट ब्लाक के मटई गांव के बलवंत लाल ने 11 अगस्त 2015 को मनरेगा लोकपाल से गांव में मनरेगा से निर्मित पैदल रास्ते के निर्माण के बाद अवशेष मजदूरी का भुगतान न करने की शिकायत की थी। शिकायत का संज्ञान लेकर मनरेगा लोकपाल ने मामले की जांच कराई।
जांच में खंड विकास अधिकारी की ओर से लापरवाही बरतने तथा पत्रवालियों का हस्तांतरण नव निर्वाचित प्रधान को न करने सहित कई खामियां पाई गईं। लोकपाल की ओर से दिए गए पत्रों का खंड विकास अधिकारी ने पांच माह तक कोई उत्तर भी नहीं दिया।
इस पर लोकपाल ने बीडीओ को दोषी पाते हुए कार्य में लापरवाही बरतने तथा आरटीआई के तहत दिए गए फैसलों का क्रियान्वयन न करने पर मनरेगा एक्ट की धारा 25 के तहत तीनों आरोपियों पर 1-1 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
साथ ही लोकपाल ने जिला विकास अधिकारी को निर्देशित करते हुए एक माह में मजदूरों का अवशेष भुगतान करवाने के आदेश दिए। मामले में निर्धारित समय में आदेशों का पालन नहीं करने की सूरत में लोकपाल ने दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।