अब चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर तक पहुंचने के लिए ज्यादा लंबी पैदल दूरी नहीं नापनी पड़ेगी। उर्गम घाटी में हेलंग-डुमक (15.8 किमी) मोटर मार्ग का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। मार्ग बनने से डुमक गांव से रुद्रनाथ मंदिर तक की पैदल दूरी मात्र दस किलोमीटर रह जाएगी।
अभी तक श्रद्धालु 22 किलोमीटर की कठिन चढ़ाई चढ़ने के बाद रुद्रनाथ मंदिर तक पहुंचते हैं। पैदल दूरी लंबी होने के कारण कई श्रद्धालु भगवान रुद्रनाथ के दर्शनों को नहीं जा सके हैं। शासन से हेलंग-डुमक (15.8 किमी) सड़क निर्माण के लिए पीएमजीएसवाई (आपदा) के गोपेश्वर डिवीजन को 13 करोड़ रुपये मिले हैं। इस सड़क के बनने से जहां रुद्रनाथ मंदिर की पैदल दूरी कम हो जाएगी वहीं उर्गम घाटी के पल्ला, किमाणा व आसपास के गांवों के ग्रामीणों को भी यातायात का लाभ मिलेगा। पीएमजीएसवाई के ईई दीपक कुमार ने बताया कि कई चट्टानी भागों से होते हुए सड़क डुमक गांव पहुंचेगी। यहां से रुद्रनाथ मंदिर की दूरी दस किलोमीटर रह जाएगी। ऐसे में तीर्थयात्रियों को मंदिर तक पहुंचने में सहूलियत भी होगी।
पर्यटन व तीर्थ स्थलों को मिलेगी पहचान
उर्गम के पूर्व प्रधान लक्ष्मण सिंह नेगी का कहना है कि हेलंग-डुमक सड़क के निर्माण से उर्गम घाटी के छिपे पर्यटन व तीर्थ स्थलों को भी पहचान मिल सकेगी। साथ ही क्षेत्र के युवाओं को पर्यटन व्यवसाय भी मिल जाएगा।