बदरीनाथ धाम में शनिवार को विधि-विधान के साथ भगवान आदि केदारेश्वर मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। इस दौरान माणा और बामणी गांव के ग्रामीणों के साथ ही तीर्थयात्रियों ने भी आदि केदारेश्वर मंदिर की इस वर्ष की अंतिम पूजा में भाग लिया।
बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने से पूर्व यहां वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपरा के अनुसार तड़के भगवान बदरीनाथ की महाभिषेक पूजा शुरू हुई। इसके साथ ही आदि केदारेश्वर मंदिर में भी पूजा-अर्चना शुरू हुई।
बदरीनाथ को भोग लगने के बाद धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल सहित बदरीनाथ के वेदपाठियों ने केदारेश्वर भगवान की अन्नकूट पूजा संपन्न की। इसके बाद दोपहर दो बजे विधि विधान और पूजा-अर्चना के बाद आदि केदारेश्वर मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। ब्यूरो
1037 तीर्थयात्री पहुंचे बदरीनाथ
इन दिनों बदरीनाथ धाम में मौसम सुहावना बना हुआ है। शनिवार को 1037 तीर्थयात्रियों ने भगवान बदरीनाथ के दर्शन कर मनौतियां मांगी।
इस यात्रा सीजन में अभी तक तीन लाख 45 हजार 184 तीर्थयात्री बदरीनाथ के दर्शन कर चुके हैं। बदरीनाथ धाम में अब ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। दिनभर खिली धूप से लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिल रही है, लेकिन शाम होते ही ठंड बढ़ रही है।