12 किलोमीटर पैदल पगडंडी नापकर स्वामी विवेकानंद धर्मार्थ चिकित्सालय की टीम लोगों की स्वास्थ्य जांच के लिए किमाणा गांव पहुंची तो ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सड़क से गांव की दूरी अधिक होने के कारण गांव में ग्रामीण इलाज के लिए तरस रहे थे। चिकित्सकों की टीम ने गांव में 150 से अधिक ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की और उन्हें निशुल्क दवाइयां दीं। टीम ने किमाणा गांव के साथ ही पल्ला और जखोला गांव के ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें भी दवाइयां दीं। साथ ही ग्रामीणों को मास्क व सैनिटाइजर भी बांटे।
किमाणा, पल्ला और जखोला गांव में कई ग्रामीण वायरल की चपेट में होने के कारण किमाणा गांव के ग्राम प्रधान मुकेश सेमवाल ने चिकित्सालय प्रबंधन से गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने की मांग की थी। इसके बाद चिकित्सकों की टीम 12 किमी पैदल चलकर किमाणा गांव पहुंची। स्वास्थ्य शिविर में मरीजों का ईसीजी, शुगर जांच, खून जांच, ब्लड प्रेशर व ऑक्सीजन की जांच की गई। पल्ला गांव की प्रधान विमला देवी, मुकेश नेगी, भगत सिंह झिंक्वाण और पुष्कर सिंह ने बताया कि क्षेत्र में स्वास्थ्य और सड़क सुविधा का अभाव है, जिससे अस्वस्थ ग्रामीणों को अस्पताल तक पहुंचाना हमेशा चुनौती बना रहता है। इन दिनों क्षेत्र में कई ग्रामीण वायरल के कारण घरों में ही पड़े हुए थे। टीम में ग्रामीणों की जांच कर उन्हें दवाइयां दीं। शिविर में डा. दीक्षा उनियाल, फार्मेसिस्ट ताजवर सती, नर्सिंग स्टाफ सरिता, जयदीप, सुखदेव और आदित्य शाह मौजूद थे। चिकित्सालय प्रबंधक रोहन और बंड विकास संगठन के पूर्व अध्यक्ष अतुल शाह ने कहा कि जोशीमठ ब्लॉक के इस दुर्गम गांव में पहली बार कोई स्वास्थ्य शिविर लगा। साथ ही सभी ग्रामीणों को कोरोना से बचाव की जानकारियां भी दीं।