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Chamoli News: बरसाती गदेरा उफानाया, खेतों में भरा मलबा, नहर व हौज बहे

Mon, 20 Jul 2026 06:42 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
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नारायणबगड़ में हाइवे पर जमा मलबा और पानी। संवाद
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बिनगढ़ गांव में रविवार रात को मूसलाधार बारिश से गदेरे ने लिया रौद्र रूप
संवाद न्यूज एजेंसी-
पोखरी (चमोली)। विकास खंड के बिनगढ़ गांव में रविवार रात हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई। तेज बारिश के बाद गांव के समीप बहने वाला बरसाती गदेरा उफान पर आ गया। इसने कई सिंचित और असिंचित खेतों को बहा दिया, जबकि अनेक खेतों में भारी मात्रा में मलबा भर गया। इससे खेतों में लगी धान की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। निचला तोक से गढ़खेत तक कई कृषि भूमि मलबे में दब गई है। इसके अलावा सिंचाई नहर और मनरेगा से पानी के भंडारण के लिए निर्मित दो हौज भी बह गए, जिससे ग्रामीणों की सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पोखरी-कर्णप्रयाग सड़क सुधारीकरण के दौरान लोक निर्माण विभाग ने झिलिड़िया क्षेत्र में बनाए गए डंपिंग जोन के कारण गदेरे में मलबा जमा हो गया। इसी वजह से बारिश के दौरान मलबा खेतों तक पहुंचा और नुकसान कई गुना बढ़ गया। ग्राम प्रधान ममता चौहान, पूर्व प्रधान हर्षवर्धन चौहान सहित अन्य ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन भेजकर क्षेत्र का निरीक्षण कराने और प्रभावित काश्तकारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। तहसीलदार रामकिशोर ध्यानी ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से शिकायत प्राप्त हुई है। राजस्व उपनिरीक्षक को मौके पर भेजकर नुकसान का आकलन करने और विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
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नारायणबगड़ : भारी बारिश से दुकानों में घुसा मलबा, हाईवे
रातभर दहशत में रहे ग्रामीण, सुबह मलबा हटाने में जुटे रहे
नहीं सुधर रहे हालात, 25 जून को भी नारायणबगड़ के थरालीबगड़ में घुसा था मलबा

संवाद न्यूज एजेंसी
नारायणबगड़। रविवार रात हुई भारी मूसलाधार बारिश से ब्लाॅक मुख्यालय के थरालीबगड़ बाजार में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सिमली-अल्मोड़ा हाईवे पर मलबा आने से करीब चार दुकानों में मलबा जा घुसा और यातायात तीन घंटे तक बाधित रहा। यह दूसरी बार है जब दुकानदारों को नुकसान पहुंचा है। इससे पहले 25 जून को भी अतिवृष्टि हुई थी। बारिश के कारण लोग रातभर दहशत में रहे। सुबह हुई तो प्रभावित दुकानों से मलबा हटाने में जुटे रहे।

बीती रविवार रात करीब ढाई बजे से शुरू हुई भारी बारिश से लोगों में अफरातफरी का माहौल बन गया। जीआईसी और अस्पताल के बीच बने नाले से बहकर आया मलबा राजमार्ग पर फैल गया। यह मलबा चार दुकानों में जा घुसा। इसी तरह जीआईसी गेट और जीतसिंह मार्केट के ऊपरी नाले से भी मलबा आने से राजमार्ग पर जलभराव हो गया। सोमवार सुबह करीब छह बजे सीमा सड़क संगठन ने मलबा हटाकर यातायात बहाल किया। बीआरओ की जेसीबी और मजदूर पूरे दिन बाजार में सफाई कार्य में लगे रहे। बारिश के कारण नारायणबगड़-किमोली और परखाल-चोपता मार्ग सोमवार दोपहर बाद ही खुल पाए। नलगांव-कफोली-बमियाला और नलगांव-कफारतीर मोटर मार्गों को खोलने के प्रयास किए जा रहे थे। वहीं थरालीबगड़ बाजार में बारिश के दौरान आ रहे मलबे की रोकथाम के लिए विधायक भूपालराम टम्टा ने निर्देश दिए हैं। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को तत्काल सुरक्षात्मक कार्य शुरू करने को कहा है।

कई सड़कें बंद, कई गांवों का संपर्क कटा
देवाल/थराली। रविवार रात हुई मूसलाधार बारिश से देवाल क्षेत्र में कई स्टेट हाईवे और मोटर मार्ग बंद हो गए हैं। इससे अधिकांश गांवों का संपर्क कट गया है। देवाल-खेता मानमती स्टेट हाईवे गमलीगाड़ और सुयालकोट में बंद है। गमलीगाड़ में करीब 15 गांवों का संपर्क कटा है। सुयालकोट में भी 12 गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। इन मार्गों पर 55 से अधिक वाहन फंसे हैं। पीएमजीएसवाई का हाटकल्याड़ी-बेराधार मार्ग भी भूस्खलन से बंद है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता मनीष डोगरा ने बताया कि जेसीबी से सड़कों को खोलने का काम जारी है। कुनारबैंड-घेरा सड़क सोमवार सुबह खुल गई है।


कर्णप्रयाग में राजमार्ग पर गिरे पत्थर

कर्णप्रयाग। रविवार रात करीब ढाई बजे से शुरू हुई बारिश सुबह करीब छह बजे तक होती रही। बादलों की गड़गड़ाहट के साथ शुरू हुई बारिश से नदी किनारे व आपदा से संवेदनशील जगहों पर रह रहे लोग चिंतित हो उठे। वहीं बारिश के कारण कर्णप्रयाग में मुख्य बाजार से सुभाषनगर के बीच कई जगह बोल्डर गिरे जिन्हें बाद में एनएच के कर्मियों ने जेसीबी से हटवाया। संवाद
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गौचर : आवासीय मकानों में घुसा नाली का पानी
जिलासू/गौचर। तेज बारिश के कारण जिलासू-बगड़ मार्ग पर भारी मात्रा में मलबा और पत्थर आ गए जिससे सड़क बंद हो गई। वहीं नाले में पानी का तेज बहाव होने से मार्ग पर जलभराव की स्थिति भी बन गई। स्थिति ऐसी थी कि स्थानीय लोग पैदल भी रास्ता पार नहीं कर पा रहे थे। सोमवार सुबह सूचना मिलने पर प्रशासन की ओर से जेसीबी मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। दोपहर बाद यहां आवाजाही हो सकी। वहीं गौचर नगर पालिका के वार्ड संख्या छह में आठ से अधिक घरों में नाली का पानी घुस गया। प्रवीन मैखुरी ने बताया कि नालियों में पेयजल लाइन के पाइप बिछाने के बाद पानी आवासीय घरों की ओर डायवर्ट हो रहा है। लगातार मांग के बाद भी इस समस्या का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। संवाद
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