बदरीनाथ पुलिस ने शुक्रवार रात को लामबगड़ क्षेत्र में एक संदिग्ध जापानी व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। वह यहां साधुओं के साथ बिना वैध दस्तावेजों के रह रहा था। इसके बाद बदरीनाथ पुलिस ने उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को जापानी व्यक्ति को न्यायालय के समक्ष पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
वर्ष 2007 ये यह जापानी व्यक्ति कोजी मिजो गूची बदरीनाथ क्षेत्र में साधुओं के साथ रह रहा था। वर्ष 2014 में उसका व्यापारिक वीजा भी समाप्त हो गया था। ऐसे में सामरिक और धार्मिक दृष्टि से संवेदनशील बदरीनाथ क्षेत्र में बिना वैध दस्तावेजों (जापानी व्यक्ति होने, पासपोर्ट और वीजा नहीं मिला) के रह रहे इस जापानी व्यक्ति की मौजूदगी देश की सुरक्षा में बड़ी चूक है।
वहीं पुलिस अधीक्षक प्रीति प्रियदर्शिनी ने जापानी व्यक्ति के किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने से इंकार किया है। जापान के इनाजावा शहर का रहने वाला कोजी मिजो गूची वर्ष 1998 से भारत में कई बार टूरिस्ट वीजा पर आया।
इस दौरान वह देश के अलग-अलग हिस्सों में गया। गूची वर्ष 2007 में व्यापारिक वीजा लेकर एक बार फिर भारत आया। इसके बाद वह कुछ साधु-संतों के साथ चमोली जिले में पहुंचा। तब से यह बदरीनाथ क्षेत्र में रह रहा था।
जिला पुलिस ने गूची के वीजे की वैधता के विषय में एफआरआरओ (फार्नर रिजनल रजिस्ट्रेश्नल ऑफिस) से जानकारी जुटाई तो गूची के जापान मूल के होने तथा वर्ष 2014 में वीजे की वैधता समाप्त होने की बात सामने आई।