गांधी मैदान में शनिवार को आयोजित बहुउद्देश्यीय शिविर में स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी को प्रतिभाग करना था, लेकिन वे नहीं पहुंचे। इसके बाद डीएम विनोद कुमार सुमन ने बहुउद्देश्यीय शिविर का शुभारंभ किया। शिविर को समय से पहले ही संपन्न करने पर दूर-दराज के गांवों से अपनी समस्या को लेकर पहुंचे अधिकांश ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बहुउद्देश्यीय शिविर पूर्वाह्न दस बजे से शुरू हुआ और अपराह्न दो बजे संपन्न हो गया। शिविर शुरू हुआ और लोगों ने अपनी समस्याएं सुनानी शुरू कीं। लेकिन शिविर में फरियादियों के कम संख्या में पहुंचने पर अधिकारी भी एक के बाद एक करके शिविर से चले गए।
परसारी गांव के कार्तिक लाल, नंदी देवी, शांति देवी और सुनील गांव की गणेशी देवी और गंगा देवी का कहना है कि वे अपनी वृद्धावस्था पेंशन के लिए आवेदन करने शिविर में पहुंचे थे। उन्हें आवेदन फार्म तो दिया गया, लेकिन फार्म जमा नहीं किया गया।
सलूड़ गांव के भगत सिंह का भी यही कहना है। पूर्व ब्लाक प्रमुख ठाकुर सिंह राणा व कांग्रेस के नगर अध्यक्ष शैलेंद्र पंवार का कहना है कि अधिकारियों के समय से पहले जाने से लोगों को आर्थिक और समय का नुकसान झेलना पड़ा।
वहीं कुछ देर चले शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने फरियादियों को अपने-अपने विभागों की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। डीएम विनोद कुमार सुमन ने कहा कि जिस वक्त अधिकारी लौटे उस वक्त शिविर में कोई फरियादी नहीं था।
अधिकारियों की ओर से फरियादियों से बार-बार उनकी समस्याएं पूछीं जा रही थीं। फरियादियों के बैरंग लौटने की बात गलत है। इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष रोहिणी रावत, ब्लाक प्रमुख प्रकाश रावत आदि मौजूद थे।