देवाल। हिमनी गांव निवासी प्रेम राम के मकान पर पेड़ गिरने से मकान क्षतिग्रस्त हो गया जिससे देबुली देवी चोटिल हो गईं। जबकि परिवार के अन्य सदस्य सुरक्षित हैं। प्रभावित परिवार को पंचायत घर में शिफ्ट कर दिया गया। पटवारी हरीश पाेखरियाल ने बताया कि पेड़ गिरने से बिजली लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई है। ऊर्जा निगम को भी इसकी सूचना दे दी गई है। संवाद
तलसारी गांव के नीचे हो रहा भूस्खलन, कृषि भूमि नष्ट
आदिबदरी। लोक निर्माण विभाग गौचर के अंतर्गत ताल-कांसुवा मार्ग के निर्माण से तलसारी गांव के नीचे 200 मीटर के क्षेत्र में हो रहा भूस्खलन कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है। भूपेंद्र कुंवर ने कहा कि वर्ष 2021 में निर्माण के शुरू से ही सड़क के बेतरतीब कटान से तलसारी के नीचे भूस्खलन होने लगा था। भूस्खलन से तलसारी गांव की करीब छह नाली से अधिक की कृषि भूमि नष्ट हो चुकी है। नगली के प्रधान मनोज कुंवर ने कहा कि बारिश में खेत धंसकर आटागाड़ गदेरे में समा रहे हैं। सबसे ऊपर वाले खेतों में दरारें पड़ गई हैं। इससे गांव को भी खतरा हो गया है। वहीं लोनिवि गौचर के एई राजेश कुमार ने कहा कि जल्द स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे। संवाद
सड़क व पैदल रास्ता बदहाल होने पर ग्रामीणों ने दिया धरना
कर्णप्रयाग। सिवाई में बन रही रेलवे सुरंग से निकले मलबे से सड़क व पैदल रास्ता खस्ताहाल हो गया है। शिकायत के बाद भी सड़क दुरुस्त नहीं की जा रही है। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने बुधवार को सिवाई में धरना दिया और एसडीएम को पत्र देकर जल्द रास्ते को दुरुस्त करने की मांग उठाई। ग्रामीणों ने कहा कि रास्ता खराब होने से बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कतें हो रही हैं।
सिवाई में इन दिनों रेलवे सुरंग का निर्माण कार्य जोरों पर है। बारिश के कारण यहां मलबे से पैदल रास्ते पर कीचड़ हो गया है। ऐसे में स्कूली बच्चों व स्थानीय लोगों को आवाजाही में दिक्कतें हो रही हैं। बुधवार को भी बच्चों को आवाजाही में परेशानी हुई। अभिभावकों ने कहा कि कीचड़ से बच्चों की ड्रेस व जूते खराब हो रहे हैं। वहीं डीबीएल कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधक राजेश राय ने कहा कि जल्द रास्ता दुरुस्त कर बच्चों के लिए बस की व्यवस्था की जाएगी। ज्ञापन देने वालों में नीमा देवी, रूपा देवी, ऊषा देवी, चंदा देवी, शशी देवी, कविता देवी, देवेश्वरी देवी, सुमन देवी, सुशीला देवी, पुष्पा देवी, राजमती देवी, लक्ष्मी, सरोजनी आदि मौजूद थे। संवाद
पिंडर नदी का मटमैला पानी पीने के लिए ग्रामीण मजबूर
थराली। खाड़ीबगड़ गांव में जल निगम ने जल-जीवन मिशन के तहत दो साल पहले नल तो लगा दिए लेकिन नलों को स्रोत से नहीं जोड़ा। ऐसे में गांव के 20 से अधिक परिवार पिंडर नदी का मटमैला पानी छानकर पीने के लिए मजबूर हैं। इन दिनों नदी भी उफान पर है और ग्रामीण जान जोखिम में डालकर पिंडर नदी से पानी ला रहे हैं। गीतेश कुमार, हरेंद्र सोनियाल, मनोज कुमार, गुड़िया, चिंतामणि जोशी, हीराबल्लभ जोशी ने कहा कि गांव में 20 से अधिक परिवार रहते हैं। मजबूरी में लोग नदी का मटमैला पानी लाकर पी रहे हैं। कई बार छानने के बाद भी यह पानी गंदा ही रह रहा है। इससे बच्चे और बड़े भी बीमार पड़ रहे हैं। कहा कि कई बार विभाग और ठेकेदार को स्रोत से लाइन जोड़ने के लिए कहा। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जल निगम के अवर अभियंता हेमंत कुमार ने कहा कि ठेकेदार को नलों से पाइप लाइन जोड़ने के लिए कहा जाएगा। संवाद