चमोली जिले का सबसे दूरस्थ गांव है
पीएमजीएसवाई ने जारी किया टेंडर, जल्द शुरू हो जाएगा निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। आखिरकार लंबी जद्दोजहद के बाद चमोली जिले का सबसे दूरस्थ गांव डुमक सड़क से जुड़ जाएगा। सरकार ने सड़क निर्माण के लिए 8 करोड़ 87 लाख 47 हजार का बजट जारी किया है जिसको लेकर पीएमजीएसवाई ने टेंडर भी जारी कर दिया है।
सैंजी लग्गा मैकोट-बेमरू-डुमक-कलगोठ (2.48 किमी) सड़क पर कई वर्षों से काम बंद पड़ा है। वर्ष 2010 में शासन से स्वीकृति मिलने के बाद डुमक-कलगोठ सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ था लेकिन इस क्षेत्र को आपदा की दृष्टि से संवेदनशील बताकर भू-वैज्ञानिकों ने सड़क निर्माण पर आपत्ति लगा दी थी, जिस कारण निर्माण रुक गया। जबकि अन्य जगहों पर निर्माण लगभग हो गया है। मगर सड़क निर्माण न होने से ग्रामीणों को गांव तक पहुंचने के लिए करीब 20 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है। डुमक और कलगोठ गांव के बीच सड़क निर्माण के लिए ग्रामीणों ने कई बार आंदोलन भी किया। सड़क संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह भंडारी का कहना है कि चमोली जिलाधिकारी की सकारात्मक पहल पर डुमक गांव को सड़क की मंजूरी मिल गई है। अब गांव तक सड़क पहुंचने की उम्मीद जगी है। पीएमजीएसवाई के ईई मनमोहन बिजल्वाण का कहना है कि ढाई किलोमीटर डुमक-कलगोठ सड़क के निर्माण के लिए 8 करोड़ 87 लाख 47 हजार का बजट जारी किया है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।