कर्णप्रयाग। पंच बदरियों में प्रथम आदिबदरी धाम को शीतकालीन पर्यटन में शामिल न करने पर श्रीआदिबदरी मंदिर धाम समिति ने रोष जताया। समिति ने इस मामले में शीघ्र सीएम से भेंटकर धाम को पर्यटन से जोड़ने की बात कही है। यहां भगवान श्रीआदिबदरी नाथ जी के अलावा श्री लक्ष्मी-नारायण, सूर्य भगवान, गणेश, शिव और महागौरी सहित 14 देवताओं के मंदिर समूह के रूप में हैं, लेकिन आज तक यह मंदिर समूह पर्यटन का हिस्सा नहीं बन पाया है। बीते वर्ष आपदा के दौरान श्रीबदरीनाथ और केदारनाथ की यात्रा बंद होने पर यहां देश-विदेश से 15 हजार से अधिक यात्रियों ने दर्शन किए थे। समिति का कहना है कि राजमार्ग पर स्थित होने के बावजूद प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग प्राचीन मंदिर समूह की अनदेखी कर रहे हैं। श्रीआदिबदरी मंदिर के अध्यक्ष बृजयेश नवानी ने कहा कि अब सीएम से शीघ्र भेंट कर इसे प्राचीन धाम को पर्यटन के रूप में विकसित करने की मांग की जाएगी।