गैरसैंण। सूचना आयुक्त विनोद नौटियाल ने सूचना के अधिकार को लोकतांत्रिक अधिकारों में सबसे बड़ा हथियार बताया। उन्होंने लोक सूचना अधिकारियों और अपीलीय अधिकारियों से कहा कि किसी भी मामले को लटकाने के बजाय समुचित उत्तर दें। गलत सूचना पर पेनल्टी, निलंबन और बर्खास्तगी तक की कार्रवाई की जा सकती है।
सूचना के अधिकार पर ब्लाक सभागार में गैरसैंण और आदिबदरी तहसील की संयुक्त गोष्ठी में सूचना आयुक्त ने कहा कि मतदान और अदालती कार्रवाई से कारगर हथियार जन सूचना का अधिकार है, जिसका उपयोग आठ-दस वर्ष के बच्चे भी कुशलता से कर रहे हैं। उन्होंने सूचना के अधिकार के प्रति आम जनता को जागरूक करने का आह्वान किया। क्षेत्र प्रमुख सुमति बिष्ट एवं नगर पंचायत अध्यक्ष गंगा सिंह पंवार ने भी विचार रखे। खंड विकास अधिकारी डीडी उनियाल के संचालन में हुई गोष्ठी में एसडीएम केएस नेगी, सुरेंद्र सिंह नेगी, रामचंद्र गौड़, लोक सूचना एवं अपीलीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और अधिवक्ता उपस्थित थे।
एक ही को थी जानकारी
गैरसैंण। गोष्ठी के दौरान सूचना अधिकार अधिनियम की जानकारी के दौरान सूचना आयुक्त ने जब लोक सूचना अधिकारियों और प्रथम अपीलीय अधिकारियों को प्रशिक्षण लेने की जानकारी मांगी तो केवल एक हाथ उठा। जबकि तीन अपीलीय अधिकारी और करीब 32 लोक सूचना अधिकारी इस दौरान मौजूद थे। इस पर सूचना आयुक्त ने कहा कि अधिकारियों को कानून की जानकारी के लिए प्रशासनिक अकादमी नैनीताल में प्रशिक्षण लेना जरूरी है, लेकिन गैरसैंण और आदिबदरी तहसील में केवल एक ही अधिकारी प्रशिक्षित होने पर उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि जागरूकता फैलाने का काम सरकार का है, जिसमें कमियां हैं।
‘भ्रष्टाचार पर अंकुश के लिए प्रयोग हो सूचना का अधिकार’
थराली। सूचना आयुक्त (राज्य) विनोद नौटियाल ने कहा कि सूचना अधिकार अधिनियम का प्रयोग कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सहित भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में प्रयोग होना चाहिए। सोमवार अपराह्न तहसील सभागार में आयोजित गोष्ठी में विनोद नौटियाल ने कहा कि प्रत्येक संस्थान में लोक सूचना अधिकारियों की नियुक्ति की जानी चाहिए। गोष्ठी में एसडीएम विवेक प्रकाश, तहसीलदार परमानंद राम, लोनिवि के ईई डीएस कुटियाल, कांग्रेस के सुशील रावत, वीडीओ एलएस बोरा, पुष्पा पंवार, एसओ देवराज शर्मा सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।