कर्णप्रयाग। नौ माह से भुगतान के लिए तरस रहे सिमली दुग्ध संघ के ट्रांसपोर्टरों को संघ ने कुछ राहत दी है। संघ ने ट्रांसपोर्टरों को तीन माह का भुगतान किया है, साथ ही पिछले वित्तीय वर्ष में तीन माह के बकाऐ की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजकर स्वीकृति और पैसे की डिमांड की है। इस वर्ष के अवशेष तीन माह का भुगतान जल्द प्रोसेस में लाने की बात भी कही है।
सिमली दुग्ध में समितियों से दूध को संघ तक पहुंचाने और संघ कार्यालय से विभिन्न रूटों पर दूध का वितरण करने में 19 ट्रांसपोर्टर काम कर रहे हैं, लेकिन वर्ष 2013-14 के जनवरी माह से वित्तीय वर्ष 2014-15 के सितंबर माह तक ट्रांसपोर्टरों को संघ की ओर से एक भी रुपये का भुगतान नहीं किया गया है। जुलाई और अगस्त माह में हुए आंदोलन और प्रदर्शन के बाद संघ ने दिवाली से ठीक पहले ट्रांसपोर्टरों को वित्तीय वर्ष 2014-15 के तहत अप्रैल, मई और जून माह का भुगतान 13 लाख रुपये दिया। जुलाई से सितंबर तक का भुगतान जल्द देने का आश्वासन दिया। ट्रांसपोर्टर प्रदीप सिंह और त्रिलोक सिंह आदि ने कहा कि संघ की ओर से यदि जल्द पिछले वित्तीय वर्ष के तीन माह का अवशेष भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
कहां गया तीन माह का पैसा
सिमली दुग्ध संघ में कार्यरत ट्रांसपोर्टरों के लिए जिला योजना के तहत 30 लाख की धनराशि प्राप्त होती है, जिसे प्रतिवर्ष केवल ट्रांसपोर्ट मद में खर्च किया जाता है। वित्तीय वर्ष के अंत में किसी भी ट्रांसपोर्टर का बकाया नहीं रहता, लेकिन वित्तीय वर्ष 2013-14 में ट्रांसपोर्टरों के हिस्से के 15 लाख कहां गए यह सवाल बना है। वहीं जुलाई माह में ट्रांसपोर्टरों के आंदोलन के बावजूद संघ के पूर्व प्रबंधक एसएस पाल ने भुगतान के रूप में अगस्त माह के चेक थमाए, जो 30 अगस्त को बाउंस हो गए। मामले में अब संघ लीपापोती करने में जुटा है।
कोट
ट्रांसपोर्टरों को चालू वित्तीय वर्ष के तीन माह का भुगतान रुपये 13 लाख कर दिया गया है, जबकि अन्य तीन माह का भी शीघ्र हो जाएगा। पिछले वित्तीय वर्ष के अवशेष भुगतान 15 लाख को स्वीकृत करने का प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा गया है। स्वीकृत होने पर ट्रांसपोर्टरों को दे दिया जाएगा। में अभी चार्ज लिया है पिछले वित्तीय वर्ष में क्यों भुगतान नहीं हुआ यह मेरे संज्ञान में नहीं है। - जीएस मौर्य प्रबंधक दुग्ध संघ सिमली (चमोली)