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.. मंदिरों में नहीं थम रहा चोरी का सिलसिला

Sat, 18 Oct 2014 05:33 AM IST
Chamoli
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कर्णप्रयाग। बीते दो वर्षों में कर्णप्रयाग से लेकर पिंडरघाटी और गैरसैंण में चोरों ने दुकानों से लेकर मंदिरों में चोरी कर हजारों की नकदी, मोबाइल सेट, मूर्ति और छत्रों पर हाथ साफ किया है। लेकिन पुलिस दुकान की चोरी के एक-दो मामलों को छोड़कर मंदिरों की चोरी के किसी भी मामले का खुलासा नहीं कर पाई है।
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जुलाई 2012 से लेकर अक्तूबर 2014 तक बदरीनाथ से लेकर कर्णप्रयाग तक बड़े मंदिरों में भी चोरों ने सेंधमारी की है। लेकिन पुलिस केवल आश्वासन भर देती आ रही है। बृहस्पतिवार रात्रि को कर्णप्रयाग में राजमार्ग से लगे प्राचीन उमा देवी मंदिर में हुई चोरी ने कई सवाल खड़े कर दिये हैं। नगर में इन दिनों रामलीला हो रही है। ऐसे में चोरों ने पूरी प्लानिंग के साथ घटना को अंजाम दिया। दो वर्षो में पिंडरघाटी की नौ दुकानों में चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं।13 जनवरी 2013 को आदिबदरी के कांसुवा गांव में ,19 जुलाई 2012 को बदरीनाथ धाम के निकट माणा गांव में चंडिका मंदिर में चोरी हुई। वही 14 और 15 अगस्त 2012 को गंगोल गांव में शकलेश्वर मंदिर में ,20 अगस्त 2012 थराली स्थित सिद्धपीठ देवराड़ा मंदिर, 03 सितंबर 2012 को रुद्रनाथ मंदिर मेें 10 फरवरी 2013 गैरसैंण स्थित गंगेश्वर भैरव मंदिर में, कर्णप्रयाग के रतूड़ा और कपीरी क्षेत्र के चार मंदिरों में भी बीते वर्ष और 16 अक्तूबर 2014 कर्णप्रयाग उमा मंदिर से चोरों ने कई छत्र और मूर्तियां पर चोरों ने हाथ साफ किया।
इनका कहना है --
मंदिरों में चोरी को अंजाम देना किसी गिरोह का काम हो सकता है। पुलिस और प्रशासन इस मामले में लगातार सतर्कता बरत रही है। बाहरी क्षेत्रों से आने वाले लोगों का सत्यापन भी किया जा रहा है।
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-- पीसी भट्ट थाना प्रभारी, कर्णप्रयाग
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