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भारी बारिश देख घर छोड़ भागे ग्रामीण

Wed, 18 Jun 2014 05:31 AM IST
Chamoli
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गोपेश्वर/नंदप्रयाग/जोशीमठ। जिले में मंगलवार को दोपहर बाद अचानक मौसम ऐसा बिगड़ा कि आपदा प्रभावित गांवों के ग्रामीण दहशत में आ गए। तीन बजे शुरू हुई भारी बारिश को देखते हुए नंदप्रयाग के पास तेफना गांव के ग्रामीण अपने घर छोड़ सुरक्षित स्थानों पर चले गए। शाम छह बजे बारिश धीमी पड़ने के बाद ही ग्रामीण अपने घरों में लौटे। तेफना गांव निवासी बलवंत, बल्लू लाल, प्रेम सिंह और प्रभाकर का कहना है कि बीते वर्ष 21 जुलाई को तेफना गदेरे में बादल फटने से उनके आवासीय भवन पूरी तरह से हिले हुए हैं। इस वजह से थोड़ी सी बारिश होने पर भी वे घर छोड़ने को मजबूर हैं। जोशीमठ, नंदप्रयाग और पोखरी क्षेत्रों में भी भारी बारिश से ग्रामीणों में अफरा-तफरी का माहौल रहा। शाम छह बजे बारिश थोड़ी थीमी पड़ जाने से आपदा प्रभावितों ने राहत की सांस ली। गोपेश्वर में भी तेज बारिश हुई, जिससे लोगों को गरमी से राहत मिली है।
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झमाझम हुई बारिश, लुढ़का पारा
कोटद्वार में तड़के बादलों की गड़गड़ाहट और तेज हवाओं के साथ बारिश की बौछारों ने गर्मी का पारा लुढ़का दिया। दिनभर आसमान में छाए बादलों ने लोगों को गर्मी से राहत दी।

कर्णप्रयाग में दो घंटे मूसलाधार बारिश
कर्णप्रयाग। कर्णप्रयाग में मंगलवार शाम चार बजे शुरू हुई मूसलाधार मूसलाधार बारिश छह बजे थमी। इससे पहले तड़के चार बजे हुई हल्की बारिश से दिनभर मौसम सुहावना बना रहा और ठंडी हवाएं चलती रही। बारिश से पिंडर नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ उसका रंग भी मटमैला हो गया है। शक्ति नगर, आईटीआई, प्रेमनगर और सांकरी आदि क्षेत्रों के पैदल रास्तों में बरसाती पानी का तेज बहाव रहा। दूसरी तरफ बदरीनाथ वन प्रभाग के पश्चिमी पिंडर रेंज के जंगलों में लगी आग भी तेज बारिश से बुझ गई है।
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पौड़ी में 7 डिग्री गिरा तापमान
पौड़ी। मंडल मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार को देर शाम हल्की बारिश होने से मौसम सुहावना हो गया है। इससे पहले दिन भर मौसम गरम रहा। पौने सात बजे के आसपास हुई बारिश से शहर का तापमान 30 डिग्री से घटकर 23 डिग्री पहुंच गया है।

झमाझम बारिश से राहत
रुद्रप्रयाग। यहां शहर क्षेत्र में शाम पांच बजे तेज बारिश होने से लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की। लेकिन गरज के साथ हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार लोगों को डरा भी दिया। बारिश से जिला मुख्यालय के समीप ग्वाड़-वीरों के जंगल में लगी आग भी बुझ गई। अगस्त्यमुनि को छोड़कर गुप्तकाशी, ऊखीमठ और जखोली में हल्की बारिश हुई।
धनारी गाड उफान पर, छानियों में फंसे ग्रामीण
उत्तरकाशी। पिछले वर्ष जून 2013 की आपदा के ठीक एक साल बाद उत्तरकाशी में प्रकृति ने फिर कहर बरपाना शुरू कर दिया है। धनारी क्षेत्र के फोल्ड क्षेत्र में अतिवृष्टि से धनारी गाड में आए उफान से तटवर्ती खेती की जमीन को नुकसान पहुंचा है। वहीं चकोन गांव की गाड पार छानियों में कई ग्रामीण फंस गए हैं।
मंगलवार दोपहर बाद जिले में बारिश होने से एक बार फिर आपदा का दौर शुरू हो गया है। शाम के समय धनारी के फोल्ड क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के कारण धनारी गाड में उफान आ गया। दिन के समय जिस नदी को ग्रामीण बिना पुल-पुलिया के आसानी से पार कर रहे थे शाम के बाद इसमें आए उफान से इसे पार करना मुश्किल हो गया। गाड के उफान से तटवर्ती खेती की जमीन में कटाव शुरू हो गया है। चकोन गांव निवासी सत्येंद्र पंवार ने बताया कि नदी के दूसरी पार गांव वालों की छानियां हैं। दिन में ग्रामीण अपनी छानियों में गए थे, लेकिन अब पानी बढ़ने पर वे वहीं फंसकर रह गए हैं। अब उन्हें दिग्थोल होते हुए 12 किमी की पैदल दूरी तय कर गांव लौटना पड़ेगा।
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