पिछले वर्ष आपदा के दौरान आई मुश्किलों से सबक लेते हुए इस बार यात्रा की तैयारियों को लेकर हर विभाग अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। पुलिस ने बदरीनाथ मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया है, ताकि हर मूवमेंट पर नजर रहे। तीर्थयात्रियों की मदद के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। होटलों और धर्मशालाआें में ठहरने वालों के लिए आईडी प्रुप देना जरूरी कर दिया गया है। यमुनोत्री और गंगोत्री धामों में हालांकि अभी वीरानी छाई है। यात्रा मार्ग दुरुस्त नहीं हैं। बावजूद इसके पहिये थमे नहीं, इसके लिए संबंधित विभागों ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। यमुनोत्री-गंगोत्री में व्यवस्थाएं चाक-चौबंद करने के लिए संबंधित विभागों के कर्मचारी धामों की ओर रवाना हो गए हैं।
पुलिस ने तैयार किया धाम की सुरक्षा का खाका
गोपेश्वर। बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का खाका तैयार कर दिया है। धाम में पुलिस अधिकारियों सहित 118 जवान तैनात किए जाएंगे। माणा से लेकर बदरीनाथ बस स्टैंड तक 150 होमगार्ड और दो प्लाटून पीएसी तैनात रहेगी। धाम के कपाटोद्घाटन के दौरान बम निरोधक दस्ता भी तैनात रहेगा। पुलिस बदरी विशाल के गर्भगृह से लेकर परिसर तक 20 सीसीटीवी कैमरे, 3 मूविंग कैमरे और एक बैगेज स्केनर के जरिये संदिग्धों पर नजर रखेगी।
यात्रा मार्ग पर सीजनल पुलिस चौकियां भी शुरू हो गई हैं। शीघ्र पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मीणा निरीक्षण करेंगे। तीर्थयात्रियों को यात्रा के दौरान कोई दिक्कत न हो इसके लिए गौचर, कर्णप्रयाग, चमोली, गोपेश्वर, पीपलकोटी, जोशीमठ, पांडुकेश्वर, गोविंदघाट, घांघरिया और श्री बदरीनाथ धाम में पर्यटक सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं। गौचर, नंदप्रयाग, पीपलकोटी, जोशीमठ और पांडुकेश्वर में बैरियर लगाए गए हैं। बदरीनाथ धाम जाने वाले हर वाहन की इन बैरियरों पर सघन चैकिंग होगी।
बदरीनाथ धाम की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कराई जा रही है। संपूर्ण यात्रा मार्ग में स्थित होटलों और धर्मशालाओं की सघन चैकिंग की जाएगी। बिना आईडी प्रुफ के किसी भी व्यक्ति को होटलों में ठहरने नहीं दिया जाएगा। - सुनील कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक, चमोली।
जोशीमठ से गेट सिस्टम होगा लागू
गोपेश्वर। बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा के लिए इस बार पूर्व वर्षों की भंाति गेट सिस्टम लागू होगा। जोशीमठ से सुबह 5.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक ही वाहनों की आवाजाही होगी। बडे़ वाहनों को धाम में जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़, पांडुकेश्वर, बैनाकुली, जेपी बैराज, दूध गंगा और कंचन गंगा में हर वक्त बीआरओ की जेसीबी और पांच मजदूर मौजूद रहेंगे।
धाम में एसडीआरएफ होगी तैनात
गोपेश्वर। इस बार बदरीनाथ धाम में एसडीआरएफ (स्टेट डिजास्टर रिस्पॉस फोर्स) तैनात रहेगी। फोर्स में 30 जवान रहेंगे। जो आपदा घटित होने पर तीर्थयात्रियों की सहायता कर उन्हें सकुशल गंतव्य तक पहुंचाएंगे।