कर्णप्रयाग। किसानों को बांटी जाने वाली निशुल्क और सब्सिडी की दवाओं के कूड़े में डालने के मामले में आखिरकार उद्यान विभाग ने जांच के आदेश कर दिए हैं। वास्तिवक स्थिति पता लगाने के लिए वरिष्ठ निरीक्षक उद्यान को जांच अधिकारी बनाया गया है।
रविवार को देवाल मुख्यालय पर तीन पेटी एनपीके (जैविक रसायन) कूड़े में मिले। जिन पर उद्यान विभाग और सरकारी आपूर्ति की मोहर थी। अमर उजाला द्वारा इस बाबत लगातार समाचार प्रकाशित करने के बाद उद्यान विभाग ने इन दवाओं को अपना माना है। लेकिन कूड़े में डालने की जिम्मेदारी उन्होंने किसानों के ऊपर डाल दी। विभागीय अधिकारियों ने शुक्रवार को देवाल पहुंचकर मामले की जानकारी जुटाई। किसानों को बंाटी दवाइयों से संबधित अभिलेखों का भी निरीक्षण कर जांच करने की बात कही।
सवाल अब भी बाकी
जिला उद्यान अधिकारी के अनुसार चार मार्च को देवाल केंद्र के लिए 105 लीटर दवाएं दी गई। लेकिन केंद्र के अभिलेखों के अनुसार यहां से 1014 लीटर किसानों को बांटी गई। सवाल यह भी है कि जिन किसानों को दवाइयां वितरित करना बताया जा रहा है, उनके गांव ब्लाक मुख्यालय से औसतन पांच किमी से अधिक पैदल दूरी पर हैं। ऐसे में मुख्यालय पर दवाओं की पेटी आकर किसने डाली। फिर किसान दवाइयां ऐसे क्यों फेंकते। ये ऐसे सवाल हैं, जिनका उत्तर आना शेष है।
इनका कहना है-
कूड़े में जैविक रसायन मिलने के मामले में वरिष्ठ निरीक्षक चंद्र सिंह पंखोली को जांच अधिकारी बनाया गया है। केंद्र को मार्च से पहले की दवाएं आवंटित की गई हैं। इसलिए इनकी मात्रा में वैरिएशन आ सकता है। चाहे किसान हो कर्मी दोषी होने पर कार्रवाई की जाएगी।- डीएल शाह जिला उद्यान अधिकारी