देवाल। रविवार को मुख्यालय पर कूड़े के ढेर में मिली कई पेटी जैविक रसायन किस विभाग के हैं इसकी तस्वीर मंगलवार को भी साफ नहीं हो पाई थी। हालांकि मंगलवार को कृषि विभाग के अधिकारियों ने मौके पर दवाइयों की जांच कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजने की बात कही। लेकिन कई दवाइयों पर मोहर होने के बावजूद उद्यान विभाग मामले से अनभिज्ञ बना रहा।
मंगलवार को कृषि विभाग की टीम ने मुख्यालय पहुंचकर कूड़े में फेंकी गई दवाओं का निरीक्षण किया। टीम अधिकारियों के अनुसार कतिपय दवाओं पर ऑनली फॉर हार्टिकल्चर यूज एवं गवर्नमेंट सप्लाई अंकित है। वहीं सभी बोतलों में रसायन तरल रूप में है। जबकि कृषि विभाग में रसायन की सप्लाई तरल रूप में नहीं होती है। इधर मामले को लेकर किसानों में रोष है। स्थानीय महावीर बिष्ट ने कहा कि सरकार कृषि और किसानों के लिए कई योजनाएं बना रही है। पर विभागीय लापरवाही के चलते उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
इनका कहना है-
मैंने खुद कूड़े के ढेर में पड़े जैविक रसायनों की जांच की। जिसमें कुछ दवाइयों पर दूसरे विभाग का नाम छपा है। निदेशक के आदेश पर जांच की गई। जिसमें जांच रिपोर्ट, बैच नंबर और फोटोग्राफी को उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। -एनबी वर्सिल भूमि संरक्षण एवं कृषि अधिकारी थराली।
यह मामला मेरी जानकारी में नहीं है। उद्यान विभाग में दवाइयां दी जाती हैं। लेकिन इतनी मात्रा में जैविक रसायन कूड़े में फेंके जाने का मामला गंभीर है। स्थानीय प्रभारी ने इस प्रकरण की जानकारी मुझे नहीं दी है। अगर बोतलों पर विभाग की मोहर है, तो स्थानीय प्रभारी से पूछताछ कर कार्रवाई की जाएगी।
-एसएल शाह जिला उद्यान अधिकारी चमोली।