नंदप्रयाग-घाट सड़क सेरा में बह गई है। लोनिवि के मजदूर जान हथेली पर रखकर काट रहे चट्टान।
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चमोली जिले में पिछले तीन दिनों से जारी बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। भूस्खलन से 61 सड़कें अभी भी अवरुद्ध पड़ी हैं। पहाड़ियां दरकने से ग्रामीण क्षेत्रों में कई मकान खतरे की जद में आ गए है। रविवार को मटई गांव के सेवक राम पुरोहित का मकान भारी बारिश के दौरान भरभरा कर गिर गया।
इस दौरान परिवार के सभी सदस्य गोशाला में शरण लिए हुए थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हो पाई है। खाल गांव में भाष्कर बेंजवाल और चंडी बेंजवाल के घर का आंगन क्षतिग्रस्त होने से भवनों को खतरा उत्पन्न हो गया है। पीपलकोटी क्षेत्र के किरुली गांव में ग्रामीण आलम सिंह फर्स्वाण के मकान का आंगन क्षतिग्रस्त हो गया है।
जिले में बंद पड़ी सड़कें
ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे
गोपेश्वर-पोखरी
गोपेश्वर-मंडल-ऊखीमठ
नंदप्रयाग-घाट
चमोली-लासी-सरतोली
हेलंग-उर्गम
पीपलकोटी-मठ-बैमरु
मैठाणा-पलेठी