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बदरीनाथ हाईवे के साथ ही 87 सड़कें बंद

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पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश रविवार को दोपहर बाद थम गई लेकिन मुश्किलें अभी भी बरकरार हैं। बारिश से जिले में बदरीनाथ हाईवे के साथ ही विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में जोड़ने वाली 87 सड़कें बंद पड़ी हैं। चमोली जिले में भूस्खलन और भू-धंसाव से 146 सड़कें बंद थीं, जिसमें से 59 सड़कें वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दी गई हैं, जबकि 87 सड़कें अभी भी बंद हैं।
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निजमूला और उर्गम घाटी को जोड़ने वाले बिरही-निजमूला और हेलंग-उर्गम सड़क अभी भी जगह-जगह ध्वस्त पड़ी हैं, जिससे ग्रामीणों को पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है। वहीं कर्णप्रयाग-ग्वालदम, कर्णप्रयाग-गैरसैंण, कर्णप्रयाग-बदरीनाथ और जोशीमठ-मलारी हाईवे भी भूस्खलन से बंद है। घाट बाजार में कुछ जगहों पर पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त होने से करीब 22 परिवारों की पेयजल सप्लाई ठप पड़ी है। वहीं जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि मौसम सामान्य होने पर बंद सड़कों को खोलने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। सोमवार तक अधिकांश सड़कों को खोल दिया जाएगा।
पिंडर घाटी में तीन दिन और नीती घाटी के 14 गांवों में बिजली सप्लाई ठप
देवाल/गोपेश्वर। आमसोड़ चट्टान के पास बिजली के पोल क्षतिग्रस्त होने से पिंडर घाटी में तीन दिन से बिजली सप्लाई बंद है। बिजली न होने से लोगों के मोबाइल चार्ज नहीं हो पाए, जिस कारण आपदा से संबंधित सूचनाएं भी एक-दूसरे को नहीं मिल पा रही हैं। ऊर्जा निगम के एसडीओ अतुल कुमार ने कहा कि आमसोड़ के पास चार बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिस कारण पिंडर घाटी के तीनों ब्लॉकों में बिजली आपूर्ति बंद हो गई है। तेज बारिश व सड़क बंद होने से बिजली लाइन दुरुस्त करने में परेशानी हो रही है। वहीं चमोली जिले में नीती घाटी के 14 गांवों में बिजली सप्लाई शनिवार रात से ठप पड़ी है, जिसे सुचारु करने के लिए ऊर्जा निगम के कर्मचारी नीती घाटी पहुंच गए हैं। संवाद
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