जोशीमठ। प्रसिद्ध हेमकुंड साहिब और आस्था पथ पर जमी बर्फ को हटाने के लिए आर्मी इंजीनियरिंग कोर के जवानों का 50 सदस्यीय दल रविवार को गोविंदघाट पहुंच गया है। 23 अप्रैल को दल घांघरिया के लिए रवाना होगा। हेमकुंड साहिब के कपाट एक जून को श्रद्घालुओं के लिए खुल जाएंगे। यहां अभी भी करीब 12 फीट बर्फ जमी हुई है।
घांघरिया से हेमकुंड साहिब तक छह किलोमीटर के आस्था पथ पर लगभग सात फीट बर्फ जमी है, जबकि अटलाकुड़ी नामक स्थान पर बड़ा हिमखंड रास्ते में पसरा हुआ है। यहां सेना के जवानों को करीब 15 फीट तक बर्फ को काटकर रास्ता सुचारु करना होगा। हेमकुंड साहिब में लगातार मौसम खराब होने के कारण बर्फ हटाने में जवानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। रविवार को 418 इंडीपेंडेंट इंजीनियरिंग कोर के 50 जवानों का दल गोविंदघाट पहुंच गया है। दल का नेतृत्व सूबेदार मेजर सुखदर्शन सिंह कर रहे हैं। गोविंदघाट गुरुद्वारे के मुख्य प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि हेमकुंड साहिब में करीब 12 फीट बर्फ जमी है, जबकि आस्था पथ पर घांघरिया से दो किमी की दूरी तक दो फीट और इससे आगे छह से सात फीट तक बर्फ जमी है। उन्होंने बताया कि हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर घांघरिया में अत्यधिक बर्फबारी होने से कई दुकानों को नुकसान भी हुआ है। गोविंदघाट से पुलना तक मोटर मार्ग भी कई जगहों पर क्षतिग्रस्त पड़ा है।
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हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा एक जून से शुरू होगी। यात्रा से संबंधित विभागों के अधिकारियों को हर हाल में 20 मई तक यात्रा व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। गोविंदघाट-पुलना मोटर मार्ग का सुधारीकरण कार्य शीघ्र किया जाएगा। यात्रा मार्ग पर पानी, बिजली और संचार की समुचित सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
-स्वाति एस भदौरिया, जिलाधिकारी, चमोली