वनाग्नि से प्रभावित कागभुषंडी क्षेत्र में 80 प्रतिशत आग बुझी
वन विभाग सेटेलाइट इमेज से क्षेत्र की जानकारी कर रहे एकत्रित
विभाग ने एक अन्य टीम दूसरे मार्ग से भी भेजी, झरने में फंसी
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्योतिर्मठ। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क की गोविंदघाट रेंज के अंतर्गत कागभुषंडी के जंगल में लगी आग 80 प्रतिशत तक खुद बुझ गई है। सेटेलाइट से इसका पता चला है। वहीं वन विभाग ने एक अन्य टीम को दूसरे मार्ग से आग बुझाने के लिए भेज दिया है। हालांकि दोनों टीमों को मौके तक पहुंचने में समय लगेगा।
रविवार देर शाम को कागभुषंडी के जंगल में अचानक आग लग गई। सोमवार को काफी प्रयास के बाद भी वन विभाग के कर्मचारी अलकनंदा नदी पार नहीं कर पाए। मंगलवार को 10 सदस्यीय टीम पुलना भ्यूंडार के मार्ग से क्षेत्र के लिए रवाना हुई। टीम को वहां पहुंचने में अभी दो दिन और लगेंगे। वहीं वन विभाग ने बुधवार को पांच सदस्यीय दल गोविंदघाट की तरफ से भेजा है लेकिन रास्ते में झरना है जिसे पार करने में टीम को दिक्कत आ रही है। टीम आगे बढ़ने के लिए दूसरा रास्ता तलाश रही है। वहीं वन विभाग सेटेलाइट इमेज से क्षेत्र में नजर बनाए हुए है। डीएफओ नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के डीएफओ अभिमन्यु का कहना है कि सेटेलाइट फोटो से पता चला है कि क्षेत्र में 80 प्रतिशत आग खुद ही बुझ गई है। यहां चट्टाने हैं और इससे आग दूसरी तरफ नहीं फैल पाई। कुछ जगह पर आग लगी हुई है। सेटेलाइट से मौके की पल-पल की जानकारी ली जा रही है। टीम जब मौके पर पहुंचेगी तब ही पता चलेगा कि आग से जंगल को कितना नुकसान हुआ है।
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पोखरी और देवलधार के जंगलों की आग बुझाई
- पोखरी क्षेत्र के जंगलों में तीन दिनों से भड़की आग बुधवार सुबह बुझा दी गई। केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के नागनाथ रेंज के वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर नेगी ने बताया कि जंगलों की आग बुझाने के लिए टीमें जुटी हुई थीं। आग को काबू कर लिया गया है। इधर मंगलवार देर शाम देवलधार गांव के समीप के जंगल में आग लगने से केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम की ओर से आग को रुद्रनाथ क्षेत्र तक जाने से रोक लिया। यहां भी आग को काबू कर लिया गया है। संवाद