पीपलकोटी। ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत बदरीनाथ हाईवे के चौड़ीकरण और सुधारीकरण कार्य से गडोरा गांव के सात परिवारों को खतरा हो गया है। क्षेत्र में भूस्खलन भी सक्रिय हो गया है, जिससे मकानों और खेतों में दरारें आ गई हैं। प्रभावित ग्रामीणों ने कहा जल्द ही भूस्खलन क्षेत्र का ट्रीटमेंट नहीं किया गया तो बरसात में ग्रामीणों को भारी मुसीबत झेलनी पड़ेगी।
वर्ष 2017 में गडोरा क्षेत्र में बदरीनाथ हाईवे का सुधारीकरण और चौड़ीकरण कार्य शुरू हुआ था। तब से गांव के निचले हिस्से में भूस्खलन हो रहा है। मौजूदा समय में धीरे-धीरे पहाड़ी से भूस्खलन हो रहा है, जिससे मकानों और खेतों में दरारें पड़ गई हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष रमेश चंद्र बंडवाल और सभासद लीला वैष्णव का कहना है कि भूस्खलन से आलम सिंह चौहान, किशोर चंद्र सती, राकेश देवली, विनोद के साथ ही गांव के सात परिवारों को खतरा हो गया है। उन्होंने संपूर्ण गडोरा गांव के भूगर्भीय सर्वेक्षण के बाद ही क्षेत्र में ऑल वेदर रोड का कार्य करने की मांग उठाई। ग्रामीण दिनेेश चंद्र हटवाल का कहना है कि कई बार मुख्यमंत्री के साथ ही जिलाधिकारी को इस मामले में ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन अभी तक भी स्थिति जस की तस बनी है। यदि बरसात से पहले भूस्खलन क्षेत्र का ट्रीटमेंट न हुआ तो मकानों को भारी नुकसान पहुंच सकता है।
कोट
यह पहले से ही भूस्खलन एरिया है। यहां बदरीनाथ हाईवे पर हिल साइड सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। साथ ही भूस्खलन क्षेत्र का ट्रीटमेंट कार्य भी किया जाएगा। इसकी कार्ययोजना बनाई जा रही है। लोगों के मकानों और खेतों को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। - आरसी मिश्रा, जीएम, एनएचआईडीसीएल, देहरादून।