38 दिनों से बंद पड़ा देवाल विकासखंड का घेस-हिमनी मोटर मार्ग।
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विकासखंड की चार ग्राम पंचायतों को जोड़ने वाली घेस -हिमनी सड़क पिछले 38 दिनों से बंद है। ऐसे में यहां गांवों में खाद्यान्न सहित आवश्यक सामग्री का ढुलान भी ठप है। स्थिति यही रही तो गांवों में गांवों राशन का संकट होना लगेगा।
ब्लाक की दूरस्थ घेस, हिमनी, बलाण और पिनाऊं ग्राम पंचायतों की पांच हजार से अधिक आबादी को घेस-हिमनी सड़क ब्लाक मुख्यालय से जोड़ता है। 21 जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश से घेस-हिमनी सड़क जिनगोल गदेरे में बंद हो गई थी। यहां सड़क का करीब 60 मीटर हिस्सा भूस्खलन से बह गया। ऐसे में लोगों को तीन चार किमी पैदल दूरी नापकर सड़क तक पहुंच रहे हैं, लेकिन माल ढुलान नहीं हो पा रहा है।
प्रमुख उर्मिला बिष्ट ने बताया कि डेढ़ माह से गांवों में आवश्यक सामग्री की सप्लाई नहीं हुई है। वहीं घेसे के सरपंच कुंदन भंडरी ने बताया कि सड़क खोलने के लिए कई बार विभागीय अधिकारियों को लिखित और मौखिक शिकायत कर दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। इधर सड़क बंद होने की सूचना विभाग के अधिशासी अभियंता को नहीं है। हालांकि मलबा हटाए जाने के लिए मशीन भेजने की बात ईई बीएस रावत कह रहे हैं। लेकिन सड़क क्यों खुल नहीं पाई इसकी सटीक जानकारी ईई के पास नहीं है। कहा कि सड़क को खुलवा दिया जाएगा।