Snow captivity in rural households
- फोटो : Snow captivity in rural households
चमोली जिले में बुधवार को मौसम ने अचानक करवट बदली और बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, तुंगनाथ सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई। जिले के ऊंचाई वाले करीब 35 गांव बर्फ से ढक गए हैं। पोखरी ब्लॉक के मोहनखाल, सगनतोली, नेल-नोली, कलसिर और डाडा गांव में मौसम की पहली बर्फबारी हुई, जिससे ग्रामीण घरों में ही कैद हो गए हैं।
निजमुला घाटी के पाणा, ईराणी और झींझी गांवों में भी बर्फबारी होने से पैदल रास्ते बंद हो गए हैं। यहां पेयजल लाइनें जम गई हैं। बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में मंगलवार रात को भी बर्फबारी हुई। औली और गौरसों में दोपहर बाद बर्फबारी हुई, जिससे पर्यटकों के चेहरे खिल गए हैं।
लामबगड़ से आगे बदरीनाथ हाईवे हुआ बंद
बर्फबारी से बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ से आगे बंद हो गया है। जोशीमठ-औली मोटर मार्ग पर भी कवांण बैंड से आगे वाहनों की आवाजाही ठप है। यहां बर्फ में पर्यटकों के वाहन फंस रहे हैं। गोपेश्वर-मंडल ऊखीमठ मार्ग पर भी कांचुलाखर्क से आगे सड़क पर बर्फ जमने से पर्यटकों के वाहन चोपता तक भी नहीं जा पा रहे हैं।
हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी के रास्ते बर्फ से बंद
फूलों की घाटी और हेमकुंड साहिब यात्रा का प्रमुख पड़ाव घांघरिया भी बर्फ से ढक गया है। फूलों की घाटी में करीब पांच फीट बर्फ जम गई है। गोविंदघाट से घांघरिया तक पैदल रास्ता आवाजाही के लिए खुला है, लेकिन यहां से आगे हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी जाने वाले रास्ते बर्फ से बंद पड़े हैं। घांघरिया में भी करीब एक फीट बर्फ जमी है।
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी होने से वन्य जीव निचले क्षेत्रों की ओर रुख कर लेते हैं, जिससे क्षेत्र में वन्य जीव तस्कर भी सक्रिय हो जाते हैं। इसे देखते हुए नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन की ओर से वन कर्मियों की तीन टीमें बनाई गई हैं। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के डीएफओ चंद्रशेखर जोशी ने बताया कि वन कर्मियों की टीमें हनुमान चट्टी-खुंटखाल, गोविंदघाट-फूलों की घाटी और गोविंदघाट-भ्यूंडार-सिमरतोली तक गश्त के लिए भेजी गई हैं। वन्य जीव तस्करों पर पैनी नजर रखी जा रही है।