बीते एक सप्ताह से हो रही बारिश से 21 संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे लोगों को मीलों पैदल चलना पड़ रहा है। वहीं पेयजल लाइनें टूटने से आपूर्ति बाधित हो रही है।
बारिश से घाट, दशोली, पोखरी, गैरसैंण, कर्णप्रयाग, थराली, देवाल और जोशीमठ ब्लॉकों के गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गए है।
कालूसैंण गांव निवासी रमेश जोशी का कहना है कि प्रतिवर्ष बरसात से पहले अधिकारी मोटर मार्ग को बारिश के दौरान दुरुस्त रखने का दावा करते हैं लेकिन ऐसा होता नहीं है। वहीं जिला पंचायत सदस्य गुड्डू राम व लक्ष्मण राणा का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही से सड़कें खस्ताहाल बनी हुई हैं। इधर, जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन का कहना है कि जिले में बंद पड़े संपर्क मार्गों को शीघ्र खोलने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
जिले में ये सड़कें हैं बंद------
डुंग्री-मैकोट, घाट-लुणतरा, मेहलचौरी-बछुवाबाण, गाजियाबाद-झुमाखेत, घाट-थराली, डिम्मर लिंक मोटर मार्ग, पुनगांव-बिछौना, रिठोली-सुंदरगांव-भटोली, कर्णप्रयाग-नैनीसैंण-कालूसैंण, सोनला- कांडा-मैखुरा, सेमा-बेराऊं, गोपेश्वर-पोखरी, सेम-पनाई-उतरौं, डुंग्री-रतगांव, सिमली-संडकोट, बढेथ-पिण्डवाली, कुरुड़-मांणखी, श्रीकोट-मथकोट, मोलागाड़-मटई, थिरपाक-कांडई, कांडई-पगना।