बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में गदेरे में तब्दील हुआ। यहां पर बीआरओ ने गदेरे के ऊपर ही वैकल्पिक मार्ग बनाकर हाईवे को सुचारु किया है।
- फोटो : Amar Ujala
बदरीनाथ हाईवे बंद होने से बुधवार को तीर्थयात्रियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ी। दिनभर तीर्थयात्री जोशीमठ, बदरीनाथ और पांडुकेश्वर में हाईवे खुलने का इंतजार करते रहे। सुबह ग्यारह बजे पैदल ही बदरीनाथ धाम जा रहे करीब 72 तीर्थयात्रियों को लामबगड़ में तैनात एसडीआरएफ की टीम ने खचरा नाला पार कराकर वापस भेजा।
शाम को साढ़े चार बजे बाद हाईवे सुचारु हो गया, तब जाकर तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम पहुंचे। सैकड़ों तीर्थयात्री पांडुकेश्वर से पैदल ही बदरीनाथ धाम जाने की जिद्द करने लगे, लेकिन खचरा नाले में आवाजाही बंद होने से यात्रियों को हाईवे खुलने का इंतजार करना पड़ा।
अधिकांश तीर्थयात्री जोशीमठ में नृसिंह मंदिर और योग ध्यान बदरी मंदिर के दर्शनों को भी पहुंचे। दिल्ली के शैलेंद्र आहूजा और रेणुका आहूजा का कहना है कि वे पहली बार बदरीनाथ के दर्शनों को आए थे। धाम के दर्शन के बाद ही लौटेंगे। मध्य प्रदेश के राजन वर्मा का कहना है कि धाम तक पहुंचने के लिए सरकार को वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करनी चाहिए।