देवाल। आपदा के सात माह बाद भी ब्लॉक के ग्राम पंचायत कुलिंग के 70 परिवारों का विस्थापन और ग्रामीणों के क्षतिग्रस्त भवनों का मुआवजा नहीं दिया गया। इससे नाराज लोगों ने विभागीय कार्यप्रणाली के प्रति रोष जताया और जल्द विस्थापन और मुआवजे की मांग की। उन्होंने कहा यदि जल्द इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीण अपना सामान लेकर तहसील कार्यालय में ही आकर रहने के लिए बाध्य होंगे।
ग्राम पंचायत कुलिंग की प्रधान यशोदा देवी ने बताया कि 15 जुलाई 2018 को कुलिंग गांव में आई आपदा से सात मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे और 70 मकानों सहित प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल में दरारें आ गई थीं। प्रशासन और भू-गर्भ विभाग की ओर से आपदा प्रभावित गांव का सर्वे कर 92 प्रतिशत भवनों को खतरे की जद में बताया था। प्रशासन की ओर से कुलिंग के ग्रामीणों को दीदना में विस्थापित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था, लेकिन सात माह बाद भी इस दिशा में सकारात्मक कार्रवाई नहीं हो पाई है। ऐसे में ग्रामीण क्षतिग्रस्त भवनों में रहने को विवश हैं। उप जिलाधिकारी परमानंद राम ने बताया कि कुलिंग गांव के प्रभावित परिवारों की पत्रावलियां तैयार की जा रही हैं। जल्द इस दिशा में सकारात्मक पहल की जाएगी।