सेना के जवानों के साथ आस्था पथ का निरीक्षण कर लौटी सेवादारों की टीम
रामढुंगी के पास भी आया है हिमखंड, कुछ जगहों पर बर्फबारी से हुआ है नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्योतिर्मठ। सेना के जवानों के साथ बर्फबारी का जायजा लेने हेमकुंड साहिब गई गोविंदघाट गुरुद्वारे के सेवादारों की टीम लौट आई है। टीम ने बताया कि घांघरिया से हेमकुंड साहिब (6 किमी) तक आस्था पथ पर दो से सात फीट तक बर्फ जमी है। जिन स्थानों पर धूप नहीं है वहां अधिक बर्फ जमी है। हेमकुंड साहिब में करीब पांच फीट तक बर्फ है और अटलाकुड़ी में करीब 20 फीट ऊंचा हिमखंड फैला है। अप्रैल माह से ही सेना के जवान हेमकुंड मार्ग से बर्फ हटाने का काम शुरू करेंगे।
हेमकुंड साहिब के कपाट 25 मई को खुल जाएंगे। इससे पहले हेमकुंड तक पैदल मार्ग से बर्फ हटाने की चुनौती रहेगी। गोविंदघाट गुुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने कहा कि सेना के जवानों के साथ सेवादारों की टीम हेमकुंड साहिब के आस्था पथ का निरीक्षण कर लौट आई है। गोविंदघाट से घांघरिया (13 किमी) तक पैदल मार्ग सुचारु है। रामढुंगी के पास हिमखंड आया है। इसे हटाने के लिए लोनिवि के अधिकारियों को अवगत करा दिया है। घांघरिया से हेमकुंड साहिब तक मार्ग पर बर्फ जमी है। शुरुआत में दो फीट तो अटलाकुड़ी के समीप लगभग सात फीट तक बर्फ है। कुछ जगहों पर बर्फबारी से मार्ग को नुकसान भी हुआ है। उन्होंने बताया कि अटलाकुड़ी में करीब 20 फीट ऊंचा हिमखंड 200 मीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। यदि मौसम ने साथ दिया तो समय से बर्फ हटाकर मार्ग सुचारु कर दिया जाएगा।
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21 अप्रैल से शुरू होगा बर्फ हटाने का काम
ज्योतिर्मठ। हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग से बर्फ हटाने का काम शुरू करने को लेकर बृहस्पतिवार को गुरुद्वारा प्रबंधन समिति और सेना के जवानों की बैठक हुई। निर्णय लिया गया कि सेना के 418 इंजीनियर कोर के 25 जवान गोविंदघाट पहुंचेंगे। 16 को वे घांघरिया के लिए रवाना होंगे और 21 अप्रैल से हेमकुंड साहिब पैदल मार्ग से बर्फ हटाने का काम शुरू किया जाएगा। सेना के जवान हेमकुंड साहिब की ओर से बर्फ हटाने का काम शुरू करेंगे। गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि सेना के अधिकारियों ने 20 मई तक आस्था पथ को सुचारु करने की बात कही है। संवाद