गोपेश्वर। तहसील और जिला स्तरीय अधिकारियों की लाख कोशिशों के बावजूद चमोली जिले के गाड-गदेरों के किनारे अवैध खनन थम नहीं रहा है। प्रशासन की ओर से पुख्ता कार्रवाई न होने से खनन कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं। अधिकारियों का कहना है कि समय-समय पर अवैध खनन को रोकने के लिए छापेमारी की जा रही है, लेकिन नदियों में अवैध खनन जारी है। अलकनंदा, बालखिला, नंदाकिनी सहित सहायक नदी के किनारों पर कई स्थानों पर मशीनों से भी रेत खनन और पत्थर चुगान कार्य किया जा रहा है।
चमोली बाजार के समीप स्थित जीआईसी अलकापुरी के निचले हिस्से में खनन से विद्यालय को खतरा उत्पन्न हो गया है। क्षेत्रपाल से भीमतला तक नदी किनारे जेसीबी और ब्रेकर मशीन से पत्थर चुगान किया जा रहा है। जिससे नदी का रुख मठ गांव की ओर हो गया है। घाट क्षेत्र में भी नंदाकिनी और चुफला नदी पर खनन कार्य जोरों पर है। यहां कई बार तहसील अधिकारियों ने छापेमारी की , लेकिन बेखौफ खनन व्यवसायी खनन में लगे हुए हैं। इधर, अपर जिलाधिकारी मोहन सिंह बर्निया का कहना है कि अवैध खनन के विरुद्घ समय-समय पर छापेमारी की जा रही है। मशीन से गाड-गदेरों में खनन नहीं किया जा सकता है। यदि किसी भी क्षेत्र से अवैध खनन की शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।