परेड के साथ हुआ समारोह शुरू, छात्र-छात्राओं ने दी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियां
संवाद न्यूज एजेंसी
पीपलकोटी/नंदानगर। राज्य स्थापना की रजत जयंती पर पीपलकोटी में भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान 19 राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा पंचायत प्रतिनिधियों और वन सरपंचों को भी स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
सेमलडाला मैदान में एनसीसी कैडेट्स की परेड के साथ समारोह शुरू हुआ। टीएचडीसी के महाप्रबंधक अजय वर्मा ने कार्यक्रम की शुरुआत की। नगर पंचायत अध्यक्ष आरती नवानी की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में राइंका पीपलकोटी, गडोरा सहित क्षेत्रीय शिक्षण संस्थाओं के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दीं। महाप्रबंधक अजय वर्मा और नगर पंचायत अध्यक्ष ने राज्य आंदोलनकारी केके डिमरी, प्रमोद शाह, बादर सिंह समेत 19 राज्य आंदोलनकारियों को देकर सम्मानित किया। इस मौके पर नगर पंचायत के ईओ गुरुदीप लाल आर्य, सभासद अनिल जोशी, पूजा, मनोरमा, अंकित रावत, बंड विकास संगठन के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नेगी, चिह्नित राज्य आंदोलनकारी अतुल शाह, प्रभारी मंत्री के जिला प्रतिनिधि तारेंद्र प्रसाद थपलियाल आदि मौजूद रहे। संचालन राकेश नवानी ने किया। वहीं शहीद जगदीश प्रसाद पुरोहित राजकीय महाविद्यालय नंदानगर में आयोजित कार्यक्रम में प्राध्यापकों ने राज्य की 25 वर्षों की उपलब्धियों व चुनौतियों पर विचार रखे। छात्राओं ने झुमेलो नृत्य की प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान प्राचार्य प्रो. विद्या शंकर शर्मा, सहायक प्राध्यापक डॉ. दीपा, डॉ. दीपक कुमार, कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. आशु आदि मौजूद रहे।
गैरसैंण : कांग्रेस ने पर्वतीय क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया
गैरसैंण। जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की मूर्ति पर माल्यार्पण किया गया। राज्य के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद नगर में तिरंगा यात्रा निकाली गई। रामलीला मैदान में हुए समारोह में पीजी कॉलेज और महिला मंगल दलों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। वहीं कांग्रेस ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी तथा आश्रितों एवं राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित किया। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर गैरसैंण सहित पर्वतीय क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि पहाड़ में स्वास्थ, शिक्षा, रोजगार पटरी से उतर गया है। गैरसैंण में विधानसभा सहित अन्य निर्माण की शुरुआत कांग्रेस ने की अब आगामी 2027 में गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाया जाएगा। समारोह में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व विस अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, विधायक लखपत बुटोला, जिलाध्यक्ष मुकेश नेगी, ईश्वरी मैखुरी, मनोज रावत, सुदर्शन साह, मनोज तिवारी, ऊषा रावत, मोहन भंडारी आदि मौजूद थे। संवाद
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पहाड़ी मूल निवासियों की ललकार, गैरसैंण राजधानी हमारा अधिकार...
स्थायी राजधानी गैरसैंण के लिए कर्णप्रयाग में किया प्रदर्शन, समिति ने काला फीता बांधकर जताया आक्रोश
कहा- आंदोलनकारियों की शहादत को वर्तमान सरकारों ने भुला दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। स्थायी राजधानी गैरसैंण समिति ने स्थायी राजधानी गैरसैंण की मांग के लिए मुख्य बाजार में प्रदर्शन किया। उन्होंने पहाड़ी मूल निवासियों की ललकार, गैरसैंण राजधानी हमारा अधिकार... के नारे लगाए। समिति ने मांग के लिए पेट्रोल पंप से लेकर मुख्य बाजार तक रैली निकाली और बांह व सिर पर काला फीता बांधकर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सभा कर गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग की।
रविवार को मुख्य बाजार में समिति के कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर गैरसैंण उत्तराखंड की असली पहचान, स्थायी राजधानी की है सच्ची मांग..., पहाड़ी मूल निवासियों की ललकार, गैरसैंण राजधानी हमारा अधिकार... आदि नारे लगाकर गैरसैंण को स्थायी राजधानी की मांग की। इसके बाद हुई सभा में समिति के संयोजक एवं पूर्व आईएएस विनोद रतूड़ी ने कहा कि राज्य सरकार राज्य स्थापना वर्ष को धूमधाम से मना रही है लेकिन पहाड़ी राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैंण को लेकर राज्य आंदोलनकारियों की ओर से दी गई शहादत को वर्तमान सरकारों ने भुला दिया है। जब तक गैरसैंण को राज्य की स्थायी राजधानी नहीं बनाया जाता तब तक समिति देश और प्रदेश स्तर पर व्यापक आंदोलन करती रहेगी। सुनील जदली ने कहा कि देहरादून में राज्य सरकार के पास मात्र 96 हेक्टेयर सरकारी जमीन है जबकि गैरसैंण और उसके समीपवर्ती क्षेत्रों में लगभग 498 हेक्टेयर सरकारी भूमि दस्तावेजों में दर्ज है। राज्य आंदोलनकारी डाॅ. मदन मोहन नवानी ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों की शहादत को बेकार नहीं जाने दिया जाएगा। इसके बाद समिति ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन में शहीद हुए आंदोलकारियों को श्रद्धांजलि दी। प्रदर्शन करने वालों में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष गैरोला के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में धन्वंतरी प्रसाद रतूड़ी, उमेश खंडूड़ी, बलवीर सिंह, गोपाल दत्त कुमेड़ी, दान सिंह मिंगवाल, गोपाल दत्त ममगाईं, राजेंद्र रावत, प्रदीप और जगदीश चंद्र आदि ने विचार रखे।
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भराड़ीसैंण : कार्यक्रमों में दिखी संस्कृति की झलक
46वीं वाहिनी पीएसी के बैंड धुन पर हुई रैतिक परेड
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के विधानसभा परिसर भराड़ीसैंण में राज्य स्थापना दिवस पर हुए कार्यक्रमों में प्रदेश की संस्कृति की झलक दिखी। राज्य स्थापना दिवस और रजत जयंती उत्सव के तहत रैतिक परेड का आयोजन किया गया। वहीं स्कूली छात्र-छात्राओं और महिला मंगल दलों ने गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी लोकगीत एवं नृत्य की प्रस्तुति दी।
भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट ने किया। इसके बाद आईटीबीपी, आईआरबी, नागरिक सशस्त्र पुलिस, होमगार्ड, महिला आरक्षी नागरिक पुलिस/फायर सर्विस और एनसीसी महिला दस्ते ने 46वीं वाहिनी पीएसी के बैंड धुन पर रैतिक परेड की। इसके बाद राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत गायन हुआ। वहीं मंच पर जीआईसी भराड़ीसैंण, जेएसएनएसएस मेमोरियल कॉलेज, जीआईसी मेहलचौंरी और पीजी कॉलेज गोपेश्वर के छात्र-छात्रों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। ममंद सारकोट सहित अन्य ममंद ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। डीएम गौरव कुमार ने कहा कि उत्तराखंड राज्य जिस आंदोलन के परिणाम स्वरूप स्थापित हुआ है उसके आदर्शों, लक्ष्यों को हमेशा याद रखा जाएगा। इस दौरान ग्राम प्रधान सारकोट प्रियंका नेगी, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, सीडीओ डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, पीडी आनंद सिंह भाकुनी, एसडीएम सोहन सिंह रांगड़ आदि मौजूद रहे।
कर्णप्रयाग/नारायणबगड़/गैरसैंण/थराली/गौचर। कर्णप्रयाग महाविद्यालय में एनसीसी कैडेट ने परेड की। वहीं नारायणबगड़ के मगनलाल शाह राजकीय महाविद्यालय में रैगांव–नंदगांव में भी कार्यक्रम हुए। इस अवसर पर उत्तराखंड राज्य निर्माण के आंदोलनकारी बलिदानियों का स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। समारोह का शुभारंभ क्षेपंस रेखा रावत और प्राचार्य डाॅ. बीरेंद्र सिंह ने किया। वहीं जीआईसी आदिबदरी में छात्र-छात्राओं ने आंदोलन के गीत गाए। जीआईसी उज्जवलपुर, मालसी, कांसुवा, सिलपाटा में भी रजत जयंती समारोह मनाया गया। इस अवसर प्रदीप जोशी, देवेंद्र कुंवर, एलएस नेगी आदि उपस्थित थे। वहीं गौचर और गैरसैंण के स्कूलों में कार्यक्रम हुए। संवाद
25 वर्ष बाद भी अधूरे हैं राज्य आंदोलनकारियों के सपने : उक्रांद
उक्रांद ने जिले में निकाली जनजागरण रैली, की गोष्ठी
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस पर उक्रांद ने जिले में जनजागरण रैली निकाली। रैली नगर के मुख्य बाजार से जन-जागरण गीतों के साथ निकाली गई। कार्यकर्ताओं ने गैरसैंण राजधानी बनाओ, पलायन रोको, रोजगार दो... जैसे नारे लगाए। रैली के बाद बेलनी स्थित मंदाकिनी टैक्सी स्टैंड परिसर में गोष्ठी हुई। कहा गया कि 25 वर्ष बाद भी राज्य आंदोलनकारियों के सपने अधूरे हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ राज्य आंदोलन के शहीदों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। वक्ताओं ने राज्य निर्माण के 25 वर्षों के सफर को याद करते हुए कहा कि जिन सपनों और उम्मीदों के साथ उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ था वे आज भी अधूरे हैं। उक्रांद जिलाध्यक्ष सूरत सिंह झिंक्वाण ने कहा कि 25 वर्ष बाद भी हमें शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से पलायन रोकने के लिए ठोस नीति बनाने, राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप राज्य निर्माण की दिशा में सार्थक कदम उठाने की मांग की। वहीं पूर्व केंद्रीय महामंत्री देवेंद्र चमोली ने कहा कि राज्य स्थापना की रजत जयंती पर विशेष सत्र चलाया गया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उत्तराखंड आए, लेकिन गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की जहमत किसी ने नहीं उठाई। कहा कि उक्रांद आने वाले समय में जनहित के मुद्दों को लेकर गांव-गांव तक जागरूकता अभियान चलाएगा। इस अवसर पर पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख ऊखीमठ विष्णु कांत शुक्ला, बलबीर चौधरी, जिला कार्यकारी अध्यक्ष सुबोध नौटियाल, प्रेम सिंह रावत और शैला रावत आदि मौजूद रहे।