आपदा प्रभावित क्षेत्र बहुगुणानगर का तहसील व नगर पालिका के अधिकारियों ने निरीक्षण किया। उन्होंने आपदा की दृष्टि से संवेदनशील व लाल निशान लगे मकानों में रह रहे करीब 19 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होने के निर्देश दिए। टीम ने कहा कि अगर लाल निशान लगे मकानों में रह रहे लोग सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट नहीं हुए तो कार्रवाई की जाएगी।
कर्णप्रयाग के बहुगुणानगर में पिछले साल बरसात में भू-धंसाव हुआ था और करीब 30 मकानों में दरारें पड़ गई थीं। लोगों के आंदोलन के बाद प्रशासन ने वहां का दौरा कर क्षतिग्रस्त मकानों में रहने वाले परिवारों को नगर पालिका के रैनबसेरों आदि में शिफ्ट किया था। फिर भी प्रभावित क्षतिग्रस्त मकानों में ही रह रहे हैं। उसके बाद वहां की मिट्टी व चट्टान के नमूने लेकर लैब को भेजे गए लेकिन अभी तक उनकी रिपोर्ट नहीं आई। लोगों की मांग के बावजूद अभी तक कोई सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए हैं। बरसात को देखते हुए तहसीलदार सुरेंद्र सिंह देव, पटवारी, नगर पालिका के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ बहुगुणानगर पहुंचे। उन्होंने क्षतिग्रस्त मकानों का जायजा लिया और लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट होने के निर्देश दिए। बीपी सती, कमला रतूड़ी, हरेंद्र बिष्ट, राकेश खंडूड़ी, हरीराम आदि प्रभावितों ने मुआवजे की मांग की। कहा कि उनके पास अन्य जगह रहने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। सरकार की ओर से कोई राहत भी नहीं दी गई है। ऐसे में उनके सामने समस्या खड़ी हो गई है।