पीपलकोटी। बंड क्षेत्र की खुशहाली के लिए ग्राम पंचायत किरुली गांव में पांडव नृत्य का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने के लिए ध्याणियों के साथ ही प्रवासी ग्रामीण भी घरों को पहुंच गए हैं। किरुली गांव में दस साल बाद पांडव नृत्य का आयोजन हो रहा है। इन दिनों कड़ाके की ठंड के बावजूद ग्रामीण पांडव नृत्य देखने पहुंच रहे हैं।
प्रतिदिन पांडव परिवार पश्वा पर अवतरित होकर ढोल-दमाऊं की थाप पर नृत्य कर रहे हैं। श्रीकृष्ण की भूमिका प्रेम सिंह चौहान, अर्जुन दर्शन सिंह फरस्वाण, नागार्जुन जमन सिंह फरस्वाण, युधिष्ठिर सब्बल सिंह, नकुल शिशुपाल सिंह, माईफुलारी शिशुपाल सिंह, बबरील राजेंद्र सिंह, विभीषण सुजान सिंह, भीम सेना में ताजबर सिंह, रघुनाथ सिंह, कलम सिंह, भूपेंद्र बिष्ट और बलवंत कंडारी शामिल हैं। पांडव नृत्य आयोजन समिति के अध्यक्ष सुनील झिंक्वाण ने बताया कि पांडव नृत्य आयोजन से युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने और संरक्षण का मौका मिलेगा। यह आयोजन तीन जनवरी तक चलेगा।
रावलनगर में पांडव लीला का समापन
गौचर। पांडवों के स्वर्गा रोहिणी विदा होने की लीला के मार्मिक मंचन और भव्य कलश यात्रा के साथ रावलनगर में पांडव लीला का समापन हो गया। इस दौरान पांडव लीला देखने आई ध्याणियों ने ससुराल विदा होते हुए अपने अपने ईष्ट देवता और पांडवों का आशीर्वाद लिया। पांडवों के पश्वाओं ने ध्याणियों और श्रद्धालुओं को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया। पंडित कांता प्रसाद शैली ने वैदिक मंत्रोच्चारों के साथ पांडवों के अस्त्र-शस्त्रों के पूजा की और रावल देवता के निशाणों को उनके यथास्थानों में प्रतिष्ठापित किया। इस मौके पर पांडव लीला कमेटी के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह बिष्ट, लोकेंद्र बिष्ट, गजेंद्र सिंह नेगी, बीरेंद्र सिंह, दीपक बिष्ट, सुरेंद्र सिंह मल्ल, भागवत भंडारी, देवेंद्र नेगी आदि मौजूद थे।
पश्वाओं ने दिया सुख-समृद्धि का आशीर्वाद
आदिबदरी। क्षेत्र के ढमकर और रंडोली गांवों में चल रही पांडव लीला देखने के लिए क्षेत्र के गांवों से सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। शनिवार को ढमकर गांव में आचार्यों और ग्रामीणों ने भूमियाल और पांडव देवताओं की पूजा की। श्रद्धालुओं ने पांडवों को नए अनाज का भोग, वस्त्र और आभूषण अर्पित कर क्षेत्र की कु्शलता की कामना की। भूमियाल देवता और पांडवों के पश्वाओं ने ढोल-दमाऊं की थाप पर 16 कलाओं पर आधारित देवनृत्य किया। इस मौके पर मनोज खंडूड़ी, ग्राम प्रधान त्रिलोक भंडारी, पदम बिष्ट, ज्योति रावत, भरत रावत सहित जुलगढ़, नगली, स्यालकोट, जुलगढ़ आदि मौजूद थे। उधर रंडोली गांव में आयोजित छह दिवसीय पांडव लीला दुर्योधन वध के साथ संपन्न हो गई। इस दौरान पांडवों ने कदंब के वृक्ष की पूजा की और श्रद्धालुओं ने पांडव देवताओं से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया। इस मौके पर प्रताप सिंह, पदम सिंह, बलवंत सिंह, बादर सिंह, संत सिंह आदि मौजूद रहे।