नाराज लोगों ने सिमली में किया प्रदर्शन, तहसील पहुंचकर दिया ज्ञापन
गदेरे में उफान से कई मकानों में घुस गया था मलबा और पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। बीते तीन सितंबर को सिमली में जौसा और टोटा गदेरे में उफान से कई मकानों में पानी और मलबा घुस गया था। इस दौरान 11 परिवार प्रभावित हुए थे। हालांकि एनएच ने मलबा हटाकर हाईवे सुचारु किया लेकिन बाजार में मलबे और धूल से लोग परेशान हैं। साथ ही अभी तक पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं हुई है। इससे नाराज लोगों ने सिमली बाजार में प्रदर्शन किया। तहसील प्रशासन को ज्ञापन देकर जल्द मांग पर कार्रवाई नहीं होने पर प्रदर्शन की चेतावनी दी।
शुक्रवार को व्यापार संघ अध्यक्ष राजेंद्र सिंह मिंगवाल के नेतृत्व में व्यापारी और स्थानीय लोग सिमली बाजार में एकत्र हुए और प्रशासन, पालिका, जलसंस्थान और राष्ट्रीय राजमार्ग के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोगों ने कहा कि बाजार में मलबे के ढेर लगे हैं। तीन सितंबर को टूटी पेयजल लाइनें अब तक ठीक नहीं की गई हैं। लोग अन्यत्र जगहों से पानी भरने को मजबूर हैं। नगर पालिका प्रभावित क्षेत्र में पूरी तरह से सफाई व्यवस्था नहीं करवा पा रही है। यहां लोग मलबे और धूल से बीमार हो रहे हैं। प्रदर्शन के बाद लोग कर्णप्रयाग तहसील कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन देकर मांग पर जल्द कार्रवाई की मांग की। इस दौरान पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज पुंडीर, मनमोहन सिंह, भूपेंद्र सिंह, पंकज सिंह लडोला और दीपक आदि मौजूद थे।
अधिकारी बोले- जल्द सुलझेगी समस्या
जल संस्थान के ईई मुकेश कुमार ने कहा कि पानी के लिए अवर अभियंता को अवगत करा दिया है। मौके का निरीक्षण कर दो दिन में पानी की समस्या को दूर कर दिया जाएगा। वहीं एनएच के अवर अभियंता डीएस चौहान ने बताया कि सिमली बाजार का सारा मलबा हटवा दिया गया था लेकिन यहां लोग घरों से मलबा हटाकर बाजार में जमा कर रहे हैं जो समस्या बन रही है। बावजूद मलबा निस्तारण के लिए यहां ट्रक भेज दिया गया है।