गैरसैंण। शहीदों के गांव को सड़क से जोड़ने की मांग को लेकर बासीसेम में ग्रामीण चौथे दिन भी आमरण अनशन पर डटे रहे। मंगलवार को लोनिवि के अधिकारी अनशनकारियों को मनाने गांव पहुंचे लेकिन ग्रामीण नहीं माने। भूख हड़ताल पर बैठे तीनों ग्रामीणों के स्वास्थ्य में गिरावट आई है।
बौखनारा गांव से लखेड़ी, अक्ष्वाड़ा, बासीसेम, गौलतल्ला और भेड़ियाणा तक सड़क से जोड़ने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे भेड़ियाणा गांव के 66 वर्षीय सोबन सिंह, 75 वर्षीय लखेडी निवासी हीरा सिंह राणा और लखेडी के प्रधान प्रताप सिंह के स्वास्थ्य में गिरावट दर्ज की गई है। चिकित्सीय परीक्षण करने पहुंची सीएचसी गैरसैंण की टीम के डॉ. फिरोज खान, डॉ. प्रेरणा सैनी, चीफ फार्मेसिस्ट रघुवीर पंवार ने बताया कि सोबन सिंह का वजन एक किलो तक गिरा है। हीरा सिंह और प्रताप सिंह के स्वास्थ्य में भी गिरावट आई है। डॉक्टरों की टीम ने अनशनकारियों को अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी।
आंदोलनरत ग्रामीणों ने अनशन स्थल पर जनसभा की। वक्ताओं ने कहा कि जब तक शहीदों के गांवों को सड़क से जोड़ने की कार्रवाई अमल में नहीं लाई जाएगी, वे अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने वाले नहीं हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश कुमार बिष्ट ने कहा कि ग्रामीणों की मांग पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। ममंद अध्यक्ष मीना देवी, भागा देवी, पदमा देवी के नेतृत्व में गौलतल्ला, भेडियाणा, बडियारी आदि गांवों के सैकड़ों लोगों ने अनशन स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। इस दौरान बलवंत लाल, भवान सिंह, बख्तावर सिंह, राजे सिंह, हीरा सिंह, हीरा देवी, नंदी देवी, विमला, दुर्गा देवी और बसंती देवी आदि मौजूद रहे।