गैरसैंण। लामबगड़ गांव में बादल फटने से 60 परिवारों की कृषि भूमि बर्बाद हो गई और पेयजल लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। गैरसैंण तहसील के लामबगड़ गांव में आपदा के बाद से चारों ओर खामोशी छाई है। गांव में मलबा ही मलबा फैला हुआ है। सोमवार को डीएम स्वाति एस भदौरिया ने लामबगड़ गांव पहुंचकर कर आपदा से हुई क्षति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के क्षतिग्रस्त खेतों का आकलन कर नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
दीवान सिंह, हीरा नेगी, बलवंत सिंह, बचन सिंह, महेंद्र सिंह, मोहन नेगी, देवेश्वरी देवी आदि ने बताया कि रविवार शाम करीब पांच बजे बारिश आई तो राहत की सांस ली लेकिन आधे घंटे बाद ही बिजली कड़कने लगी तो ग्रामीण बच्चों के साथ घरों को छोड़कर बाहर आ गए। कुछ देर बाद ही गांव के ऊपरी भाग से भारी मलबा आया और ग्रामीणों के खेत खलिहान सहित सब कुछ बहाकर ले गया। उन्होंने बताया कि लामबगड़ में बादल फटने से पानी की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और गांव का प्राकृतिक धारा खत्म हो चुका है। आपदा में गांव की पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गई है। सोमवार को डीएम स्वाति एस भदौरिया ने गांव का दौरा कर अधिकारियों को व्यवस्थाएं चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि लामबगड़ में बंद हुए मार्ग को लोनिवि गैरसैंण ने खोल दिया है। जल संस्थान की ओर से लामबगड़ में टैंकर से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। इस मौके पर विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी, एसडीएम किशन सिंह नेगी, तहसीलदार सोहन सिंह रांगड, लोनिवि, जल संस्थान, जल निगम, लघु सिंचाई, ग्राम्य विकास आदि विभागों के अधिकारी, फील्ड कर्मचारी और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
पीड़ित परिवार को दी राहत राशि
गैरसैंण। आपदा में जान गंवाने वाले लामबगड़ गांव के बुजुर्ग बादर सिंह के परिवार को प्रशासन ने सांत्वना जताई और आपदा राहत राशि का चेक दिया। आपदा के बाद से बादर सिंह के परिवार में खौफ और मातम छाया हुआ है। सोमवार को विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी, डीएम स्वाति एस भदौरिया, एसडीएम गैरसैंण केएस नेगी, खनसर घाटी संघर्ष समिति के अध्यक्ष अवतार पुंडीर, नारायण बिष्ट, पृथ्वी बिष्ट, पूर्व उप प्रमुख प्रेम संगेला, जिला पंचायत सदस्य जगमोहन कठैत ने बादर सिंह के घर जाकर शोक संवेदना जताई। डीएम ने मृतक की पत्नी गोमती देवी को आपदा राहत के तौर पर चार लाख की धनराशि का चेक दिया।