फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोबाइल व ट्यूशन से बनाई दूरी मिली सफलता

विज्ञापन
विज्ञापन
थराली। हाईस्कूल परीक्षा में जीजीआईसी थराली की वर्तिका पुरोहित ने 97 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में आठवीं रैंक हासिल की है। वर्तिका प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती हैं। उनके पिताजी विनोद पुरोहित अध्यापक और माता अंजू पुरोहित गृहणी हैं। वर्तिका रोजाना पांच से छह घंटे पढ़ाई करती है।
विज्ञापन


मोबाइल से बनाई दूरी तो मिली सफलता
गोपेश्वर। उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में 13वां स्थान प्राप्त करने वाली सिमरन ने बिना ट्यूशन के सफलता प्राप्त की है। सिमरन ने हाईस्कूल परीक्षा में 96 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। सिमरन ने विज्ञान में 100 और गणित में 99 अंक प्राप्त किए हैं।
सुबोध प्रेम विद्यामंदिर गोपेश्वर की छात्रा सिमरन ने हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में 480 अंक प्राप्त किए हैं। सिमरन ने बताया कि उसने कक्षा 10वीं में आने के बाद से मोबाइल व सोशल मीडिया से दूरी बना ली थी। वह नियमित 6 घंटे पढ़ती है। सिमरन के पिता वीरेंद्र सिंह शिक्षक और माता रेखा गृहणी हैं। सिमरन मेडिकल क्षेत्र में जाकर समाज सेवा करना चाहती है।
विज्ञापन


सिविल सेवा में करियर बनाना चाहते हैं अनुज
ऊखीमठ। उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में मेरिट सूची में 8वां स्थान प्राप्त करने वाले अनुज कंडारी ने 97 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। अनुज ने आज से ही अपना इंटर में टॉप थ्री में स्थान प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित कर लिया है। अनुज सिविल सर्विसेज में जाना चाहता है।
अगस्त्यमुनि ब्लॉक के जगोट-कमसाल गांव निवासी अनुज कंडारी ने बताया कि नियमित अध्ययन और निर्धारित लक्ष्य से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। वह प्रतिदिन 5 से 6 घंटे पढ़ाई करते हैं। वह अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों के मार्गदर्शन और माता-पिता को देता है। वह, रुद्रप्रयाग के डीएम मंगेश घिल्डियाल से प्रभावित है, इसलिए वह भी सिविल सेवा में करियर बनाएगा। छात्र के पिता कर्णपाल सिंह कंडारी राजकीय प्राथमिक विद्यालय गडगू में सहायक शिक्षक हैं, जबकि माता संगीता देवी गृहणी हैं।

गुदड़ी के लाल बने निखिल
श्रीनगर। सरस्वती विद्या मंदिर श्रीनगर के छात्र निखिल पंवार ने हाईस्कूल परीक्षा मेें 95.80 प्रतिशत अंकों के साथ 14वां स्थान हासिल किया है। निखिल को 479 अंक मिले। उन्होंने गणित में शत प्रतिशत अंक हासिल किए। निखिल के पिता उम्मेद सिंह पंवार रोडवेज बस अड्डे पर चाय और भोजनालय चलाते हैं, जबकि माता राजी देवी गृहणी हैं। उनका परिवार 15 सालों से श्रीनगर में रह रहा है। मूल रूप से टिहरी जिले के थात (ढुंगमंगदार) निवासी निखिल इंटर के बाद इंजीनियरिंग करना चाहते हैं। निखिल रोजाना नियमित 5 घंटे पढ़ाई करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें