जोशीमठ। बदरीनाथ धाम में बृहस्पतिवार को जोशीमठ एसडीएम और बीकेटीसी के सीईओ के बीच उपजे विवाद के कारण बदरीनाथ मंदिर की पूजा प्रक्रिया दो घंटे तक बाधित रही थी। इस पर शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ मंदिर की परंपराओं के साथ खिलवाड़ न हो।
यहां आयोजित पत्रकार वार्ता में शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि बदरीनाथ की पूजा परंपराएं प्राचीनकाल से चली आ रही है। इनमें व्यवधान डालना सनातन धर्म के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि धाम में दोनों अधिकारियों के अहम के कारण पूजा पद्धति में व्यवधान हुआ जो धार्मिक परंपराओं के साथ खिलवाड़ है। अधिकारियों को अपनी मर्यादा में रहना चाहिए। अधिकारियों को बदरीनाथ में पहुंच रहे तीर्थयात्रियों की सुविधाएं देखनी चाहिए न कि कुर्सी पर झगड़ते रहे। उन्होंने कहा कि वे स्वयं 27 मई को बदरीनाथ जाकर धार्मिक परंपराओं का जायजा लेंगे।