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टेंकरों से पेयजल आपूर्ति की मांग

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जखोली। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी विकासखंड के 40 से अधिक ग्राम पंचायतों की 20 हजार आबादी के हलक तर नहीं हो पाए हैं। इन गांवों के लिए स्वीकृत जवाड़ी-रौंठिया और तैला-सिलगढ़ पेयजल योजना अधर में लटकी पड़ी हैं। जबकि गांवों में लोग पानी के लिए दूरस्थ स्रोतों की दौड़ लगाने को मजबूर हैं, लेकिन सुध नहीं ली जा रही है।
जनपद रुद्रप्रयाग के अति पेयजल संकट ग्रसित क्षेत्रों में शामिल जखोली ब्लॉक के भरदार पट्टी के लिए जवाड़ी-रौंठिया पेयजल योजना स्वीकृत की गई थी। 12 करोड़ 94 लाख रुपये वाली इस योजना पर स्रोत से पहले स्टोर टैंक तक 51 किमी लंबी लाइन और उसके बाद करीब 103 किमी वितरण लाइन बिछाई जानी थी, जिससे सभी चिहिृृत गांवों को पानी मिल पाता, लेकिन स्वीकृत धनराशि खर्च होने के बाद भी योजना अधूरी पड़ी है। दूसरी तरफ वर्ष 2008 में तैला-सिलगढ़ पेयजल योजना भी 6 करोड़ रुपये खर्च के बाद पूरी नहीं हो पाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शासन, प्रशासन और कार्यदायी संस्था को अवगत कराने पर भी कार्य पूरा नहीं किया जा रहा है, जिसका खामियाजा ग्रामीण भुगत रहे हैं। सिलगढ़ विकास संघर्ष समिति के दरम्यान सिंह जखवाल, दीपक रावत का कहना है कि तैला-सिलगढ़ पेयजल योजना से क्षेत्र के 12 ग्राम पंचायतों की करीब 8 हजार आबादी को लाभ मिलना था, लेकिन योजना एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अधूरी पड़ी है। उधर, जिला पंचायत सदस्य आशा डिमरी ने बताया कि जवाड़ी-रौंठिया पेयजल योजना के निर्माण को पूरा कराने के लिए जलनिगम द्वारा द्वारा रिवाइज स्टीमेट को स्वीकृति मिलने के साथ कुछ राशि भी जारी कर दी गई थी। बावजूद, योजना का निर्माण कार्य तेजी से नहीं हो पा रहा है। इधर, जलनिगम के अधिशासी अभियंता नवल कुमार ने बताया कि जवाड़ी-रौंठिया पेयजल योजना से आगामी अक्तूबर से पानी की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। मुख्य लाइन बिछाई जा चुकी है। इन दिनों वितरण लाइन बिछाने का कार्य जोरों पर चल रहा है। तैला-सिलगढ़ योजना की वितरण लाइन निर्माण के लिए 339 लाख का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। स्वीकृति पर कार्य हो पाएगा।
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गैरोली और भलसों गांव में पानी की किल्लत
कर्णप्रयाग/आदिबदरी। तहसील कर्णप्रयाग और आदिबदरी के ग्रामीण क्षेत्रों में लोग पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। मल्ली गैरोली गांव के ग्राम प्रधान हर्षवर्द्धन चमोली, विजय गैरोला, तोताराम गैरोला, सच्चिदानंद गैरोला, भगतराम गैरोला आदि ने एसडीएम को समस्या बताई। उन्होंने कहा कि गांव में कई दिनों से पानी नहीं आ रहा है। ऐसे में ग्रामीणों को दो किमी दूर प्राकृतिक स्रोत से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने टैंकरों से गांव में पानी की आपूर्ति करने की मांग की।
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वहीं आदिबदरी तहसील के भलसों गांव में भी लोग पानी को तरस रहे हैं। प्रधान बैजयंती देवी, नवीन खंडूड़ी, मोहन लाल, बलवंत सिंह, नंदा सिंह नेगी आदि ने बताया कि गांव में पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण एक किमी दूर पणछाला प्राकृतिक जलस्रोत से पानी भर रहे हैं। अगर पेयजल की उचित व्यवस्था नहीं की गई तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे। इधर जल संस्थान के अवर अभियंता विपिन कुमार ने कहा कि स्रोत पर कम पानी आने से दिक्कतें हो रही हैं। गांव को बारह गांव पेयजल योजना से जोड़ने के लिए अधिकारियों से बात करेंगे।
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