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आधी-अधूरी पड़ी नैल-कुड़ाव सड़क का 21 साल बाद होगा कायाकल्प

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गोपेश्वर। 21 वर्ष से आधी-अधूरी पड़ी पांच किलोमीटर नैल-कुड़ाव सड़क के डामरीकरण और सुधारीकरण के लिए सरकार ने 263.97 लाख रुपये की स्वीकृति दे दी है। बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट ने बताया कि दो साल में शासन ने बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र में लगभग 39 करोड़ रुपये की लागत की सड़कों के नवनिर्माण और सुधारीकरण की स्वीकृति दी है।
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दशोली ब्लाक के अंतर्गत नैल-कुड़ाव (5 किमी) सड़क का वर्ष 1998 में निर्माण कार्य हुआ था, लेकिन लोनिवि की ओर से हिल कटिंग के बाद कार्य आधा-अधूरा छोड़ दिया गया। सड़क के निर्माण के लिए ग्रामीणों ने आंदोलन भी किए, लेकिन लोनिवि के अधिकारियों ने बजट की कमी बताकर काम छोड़ दिया। बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट ने बताया कि पांच मार्च को राज्य योजना के अंतर्गत नैल-कुड़ाव (5 किमी), डुंगरी-बिजराकोट-छिनका मोटर मार्ग से नौरीधार-बौंला-दुर्गापुर (पांच किमी), मंडल-ग्वाड़ (2.5 किमी) और वैतरणी-सिरोखोमा-बैरागना (पांच किमी) मार्ग निर्माण का शासनादेश हो गया है। मार्गों के निर्माण के लिए शासन से 1138.44 लाख की धनराशि भी स्वीकृत हो गई है। इसके अलावा विधानसभा के अंतर्गत 25 किमी पोखरी-कर्णप्रयाग मार्ग का चौड़ीकरण व डामरीकरण, पोखरी-जिलासु-ऑली सड़क का 10 से 14 तक सुधारीकरण, मारवाड़ी से चाई गांव तक पांच किमी सड़क का नवनिर्माण, बड़गांव के पापड़ीधार से पंया चोर्मी तक निर्माण, जोशीमठ-परसारी 2.3 किमी का डामरीकरण कार्य और पोखरी ब्लाक के अंतर्गत उडामांडा-चोपड़ा मार्ग का छह से आठ तक पुनर्निर्माण कार्य को भी शासन से स्वीकृति मिल गई है। ललित मोहन, मेहरवान सिंह और महेंद्र सिंह का कहना है कि 25 किमी कर्णप्रयाग-पोखरी मार्ग कई जगहों पर बदहाल स्थिति में पहुंच गया था। शासन से सड़क के चौड़ीकरण और डामरीकरण की स्वीकृति मिलने पर आवाजाही सुगम हो सकेगी।
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