गैरसैंण। क्षेत्र के किसानों व स्थानीय लोगों को बंदरों के उत्पात से निजात दिलाने के लिए वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। काश्तकारों की शिकायत पर वन विभाग की टीम ने नगर सहित कुनीगाड़ , मेहलचौरी, माईथान और रोहिड़ा क्षेत्रों से अब तक कुल 110 बंदरों को पिंजरों में कैद किया है।
वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप गौड़ ने बताया कि पकड़े गए बंदरों में से 68 बंदरों की पहली खेप को वन्य जीव ट्रांजिट एवं पुनर्वास केंद्र यूनिट (रेस्क्यू सेंटर) चिड़ियापुर भेज दिया गया है, जबकि शेष बंदरों को भी जल्द वहां भेजा जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि आगरा और नजीबाबाद से आई पांच सदस्यीय विशेषज्ञ टीम 18 जून से क्षेत्र के प्रभावित इलाकों में बंदर पकड़ने के अभियान में जुटी है। यह टीम 25 जून तक क्षेत्र में बंदर पकड़ने का काम करेगी।
वन क्षेत्राधिकारी के मुताबिक, बंदरों की समस्या से कई ग्रामीण इलाके प्रभावित हैं। जहां से भी शिकायत मिलती है, वहां राहत के लिए हर तीन माह में इस टीम को बुलाकर बंदरों को रेस्क्यू सेंटर भेजा जाता है। वन विभाग की इस त्वरित कार्रवाई पर नगर पंचायत अध्यक्ष मोहन भंडारी और ब्लॉक प्रमुख दुर्गा रावत ने प्रसन्नता जताते हुए विभाग की सराहना की है। स्थानीय काश्तकारों ने भी बंदरों के आतंक से राहत मिलने पर वन विभाग का आभार जताया है।संवाद