बागेश्वर। डीडीए के विरोध में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रविवार को गांधी पार्क में धरना दिया। उन्होंने प्राधिकरण के खिलाफ नारेबाजी की। धरनास्थल पर हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पहाड़ में प्राधिकरण के मानक अव्यवहारिक हैं। इससे गरीब तबके के लोगों को मकान निर्माण में कई मुसीबतों से जूझना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि प्राधिकरण से तंग आकर नगर में दो लोग खुदकुशी कर चुके हैं। प्राधिकरण के मानकों का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि पहाड़ की भौगोलिक स्थिति के अनुसार प्राधिकरण यहां के अनुकूल नहीं है। धरने में युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष दर्शन कठायत, सेवा दल महिला अध्यक्ष सुनीता टम्टा, ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मण आर्य, महासचिव कैलाश पवार, गोकुल परिहार, उमेश दुबड़िया, सूर्यभान दफौटी, कुलदीप मेहता, हेमंत टंगड़िया, मनीष वाणी, अजय चंदोला, गोविंद चंदोला, पनी राम, भीम कुमार, नरेंद्र कनवाल, भगवान माजिला, देवेंद्र बघरी, देवेंद्र मेहता, दीपक, सुरज, समीम अहमद, मो. हसीब, प्रकाश आर्य बैठे।
इधर प्राधिकरण हटाओ मोर्चा ने प्रकटेश्वर मंदिर परिसर में हुई बैठक में वक्ताओं ने प्राधिकरण का विरोध किया। सरकारी जनता दरबार की तरह मोर्चा भी प्राधिकरण के मामलों के लिए जनसुनवाई दरबार लगाएगा। प्राधिकरण के खिलाफ जल्द जिला स्तरीय महारैली निकाली जाएगी। जल्द बागेश्वर में प्राधिकरण के खिलाफ प्रदेश स्तरीय सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में अध्यक्ष प्रमोद मेहता, सचिव पंकज पांडे, भुवन चौधरी, हरीश सोनी, उमेश साह, महेश जोशी आदि थे।
जिला विकास प्राधिकरण के सितम से जनता परेशान
लोगों ने डीडीए पर लगाया दोहरी नीति अपनाने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
बागेश्वर। जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) के मानकों से लोगों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि डीडीए मानकों के कारण आम लोगों के लिए मकान बनाना काफी कठिन हो गया है लेकिन सरकारी मशीनरी ऐसे मामलों को नजरअंदाज कर रही है। अमर उजाला से बातचीत में लोगों ने प्राधिकरण के मानकों को अव्यवहारिक बताते हुए इसमें बदलाव की मांग की।