बागेश्वर। जिले के निजी विद्यालयों में आरटीई के तहत प्रवेश के लिए ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया में 200 से अधिक बच्चे चयनित हुए हैं। आरटीई के मानकों के अनुसार आठवीं कक्षा तक चयनित विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा दी जाएगी। विभाग की ओर से चयनित छात्र-छात्राओं को स्कूल आवंटित हो चुके हैं। 20 अप्रैल से पूर्व छात्र-छात्राओं को प्रवेश लेना होगा।
सरकार की ओर से शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों को अपनी 25 फीसदी सीटें वंचित और कमजोर वर्गों के बच्चों के लिए आरक्षित रखनी होती हैं। पात्र परिवारों को प्रवेश के लिए आरटीई पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होता है। इसके बाद शिक्षा विभाग की ओर से औपचारिकताएं पूरी कर पात्र बच्चों को प्रवेश के लिए संस्तुति की जाती है। इस वर्ष आरटीई के तहत जिले में 658 सीटें उपलब्ध थीं। इसके सापेक्ष 347 सीटों पर ही अभ्यर्थियों ने आवेदन किए।
311 सीटों के लिए विभाग के पास आवेदन नहीं आए। 25 मार्च तक अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करने का मौका दिया गया था। 311 आवेदन में से 249 छात्र-छात्राओं को ही स्कूल आवंटित हो सके हैं। दस्तावेज पूर्ण नहीं होने, स्कूल चयन में गलती होने के कारण कई अभ्यर्थियों को निजी स्कूलों की निशुल्क सीटों पर प्रवेश नहीं मिल सका। इस कारण 409 सीटें खाली रह गई हैं। लॉटरी में चयनित बच्चों की स्कूल में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। चयनित बच्चों को 20 अप्रैल से पूर्व स्कूल से संपर्क कर प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
सीईओ जीएस सौन ने बताया कि स्कूल स्तर पर बच्चों के दस्तावेज सत्यापन के बाद प्रवेश दिया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों की दूसरी लिस्ट भी जारी की जाएगी।