उत्तराखंड पर्यटन परिषद और केएमवीएन की ओर से सरयू नदी में चल रहा रिवर राफ्टिंग का प्रशिक्षण संपन्न हो गया। पांच दिवसीय प्रशिक्षण का समापन जिलाधिकारी भूपाल सिंह मनराल ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित कर किया।
प्रशिक्षण के अंतिम दिन सोमवार सुबह सभी प्रशिक्षणार्थी 29 छात्र-छात्राओं ने हिमालय बचाओ अभियान के तहत चंडिका देवी मंदिर परिसर में सफाई अभियान चलाया। इसके बाद आरे से सूरजकुंड तक रिवर रन किया। कयाकिंग और तैराकी का प्रशिक्षण भी दिया गया। टीआरसी में सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को डीएम ने प्रमाण पत्र दिए।
उन्होंने कहा कि जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और भविष्य में इस तरह के प्रशिक्षण रोजगार में सहायक होंगे। साहसिक पर्यटन प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान रिवर राफ्टिंग के साथ ही आपदा प्रबंधन के गुर भी सिखाए जाते हैं। इस मौके पर पर्यटन अधिकारी लता बिष्ट, एडवेंचर एसोसिएशन के भुवन चौबे, टीआरएच के प्रबंधक उत्तम बिष्ट, गोविंद बाफिला, रीवर गाइड देवेंद्र पोखरिया, भूपेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, पदम सिंह, अजय धामी, विनोद धामी, दीपक बिष्ट आदि मौजूद थे।